
Tendupatta Ghotala रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए एक और भ्रष्टाचार के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आज दंतेवाड़ा की विशेष कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दिया है। इस मामले में भारतीय वन सेवा (IFS) के एक अफसर समेत 14 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
तेंदूपत्ता पारिश्रमिक वितरण में भ्रष्टाचार
मामला तेंदूपत्ता पारिश्रमिक वितरण में भ्रष्टाचार का है। ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को दंतेवाड़ा की विशेष कोर्ट में चालान पेश किया। ईओडब्ल्यू ने इस मामले में सुकमा में तत्कालीन डीएफओ समेत 14 लोगों को आरोपी बनाया है। लगभग चार करोड़ रुपए के भ्रष्टाओचार की पूरी कहानी ईओडब्ल्यू ने 4500 पन्नों की चार्जशीट में कोर्ट को बताई है।
इन लोगों को बनाया गया आरोपी
ईओडब्यू ने अपनी चार्जशीट में जिन 14 लोगों को आरोपी बनाया है उनमें वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) अशोक कुमार पटेल मुख्य आरोपी हैं। इनके साथ 04 वनकर्मी चैतूराम बघेल, देवनाथ भारद्वाज, मनीष कुमार बारसे, पोड़ियामी इड़िमा (हिडमा) को भी आरोपी बनाया गया है।
Tendupatta Ghotala समितियों के प्रबंधक भी बनाए गए आरोपी
इस मामले में ईओडब्ल्यू ने तेंदूपत्ता संग्रहक नौ समिति प्रबंधक को भी आरोपी बनाया है। इनमें पायम सत्यनारायण उर्फ शत्रु, मोह. शरीफ, सी.एच. रमना (चिटटूरी), सुनील नुप्पो, रवि कुमार (रवि कुमार गुप्ता), आयतू कोरसा, मनोज कवासी, राजशेखर पुराणिक उर्फ राजू, बी. संजय रेड्डी को भी आरोपियों में शामिल हैं।
यह है पूरा मामला
तेंदूपत्ता पारिश्रमिक वितरण में भ्रष्टाचार का यह पूरा मामला कांग्रेस सरकार के दौरान का है। ईओडब्यू की चार्जशीट के अनुसार वर्ष 2021 और वर्ष 2022 सीजन के तेंदूपत्ताक प्रोत्साहन पारिश्रमिक के लिए संग्राहकों को करीब सात करोड़ रुपए पारिश्रमिक दिया जाना था, लेकिन आरोपियों ने साजिश करके इसमें से बड़ी राशि गबन कर लिया। आरोपियों ने पैसा संग्रहकों को देने की बजाय कूटरचित दस्तावेज तैयार करके खुद ही रख लिया।
लगभग चार करोड़ रुपए की गड़बड़ी का खुलासा
ईओडब्यूर के अफसरों ने बताया कि अब तक की विवेचना में 17 समितियों में से 8 दूरस्थ समितियों के संबंध में जांच की गई। इस पर राशि तीन करोड़ 92 लाख 05 हजार 362 रुपए का गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में ईओडब्यूयों ने इसी साल एफआईआर दर्ज की थी।
Tendupatta Ghotala नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची जांच टीम
यह पूरा मामला बीजापुर के नक्स ली हिंसाग्रस्तक क्षेत्र का है। ईओडब्यू ने इसकी जांच के लिए मड़ईगुड़ा, गोलापल्ली, किस्टाराम, जगरगुण्डा, चिंतलनार, चिंतागुफा, भेज्जी, कोंटा और पोलमपल्ली के दूरस्थ अंदरूनी व पहुंचविहीन मार्गों में जाकर ग्रामीणों से पूछताछ कर साक्ष्य एकत्र किया। प्रकरण में अन्य 09 समितियों के संबंध में जांच जारी है।




