Vada Nibhao रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवक बड़ा आंदोलन की तैयारी में है। आंदोलन की तारीख और रणनीति भी तय हो गई है। शासकीय सेवक राज्य के ब्लॉक और जिला के साथ ही राज्य मुख्यालय तक सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे।
छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवक 16 जुलाई को प्रदर्शन करेंगे। इस आंदोलन की घोषणा पहले ही कर दिया गया था। इस आंदोलन में प्रदेश के विभिन्न कर्मचारियों और अधिकारियों के संगठन शामिल होंगे।
आंदोलन का ऐलान राज्य के शासकीय सेवकों के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के सबसे बड़े संयुक्त संगठन छत्तीसगढ़ कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन ने किया है। फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि यह आंदोलन का पहला चरण है।
16 जुलाई को प्रदेश के सरकारी सेवक प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे। यह ज्ञापन ब्लॉक और जिला मुख्यालय के साथ ही राज्य स्तर भी सौंपा जाएगा। ज्ञापन के जरिये शासकीय सेवक अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाएंगे।
छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारी संगठन अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर यह प्रदर्शन करेंगे। फेडरेशन ने इसे कलम बंद काम बंद आंदोलन नाम दिया है। इसके जरिये शासकीय सेवक सरकार पर वादा निभाने के लिए दबाव बनाएंगे। इस दौरान वादा निभाओ रैली भी निकाली जाएगी।
फेडरेशन की तरफ से सरकार से मोदी की गारंटी लागू करने की मांग की जा रही है। बता दें कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपना घोषणा पत्र मोदी की गारंटी के नाम से जारी किया था। इसमें सरकार ने शासकीय सेवकों से भी कई वादें किए थे।
फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि 16 जुलाई के आंदोलन के बाद भी सरकार की तरफ से मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं किया गया तो 22 अगस्त को प्रदेश के शासकीय सेवक सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल करेंगे। इसकी सूचना पहले ही सरकार को दे दी गई है।