Vidhansabha रायपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में हो रही अवैध प्लांटिंग का मुद्दा मंगलवार को विधानसभा में उठा। इस दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन को बताया कि अवैध प्लांटिंग रोकने के लिए सभी जिलों में कलेक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जा रही है। इस विषय पर मंत्री सदन में कांग्रेस और भाजपा के विधायकों के सवालों में घिरते नजर आए, वहीं, कांग्रेस ने मंत्री के जवाब पर असंतोष जाहिर करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।
अवैध प्लांटिंग से जुड़ा यह विषय कांकेर और धमतरी जिला को लेकर पूछे गए एक सवाल के जरिये सदन में चर्चा में आया। विधायक अंबिका मरकाम ने इस पर सवाल किया था। वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 31 जनवरी तक प्राप्त शिकायतों पर जानकारी मांगी गई थी।
इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि धमतरी जिले में अवैध प्लाटिंग की तीन शिकायत प्राप्त हुई है। जो 03 खसरों से संबंधित है। इसमें दो की जांच अनुविभागीय अधिकारी (रा.) द्वारा किया गया है और एक की जांच नगर पालिका निगम धमतरी के अधिकारी ने किया।
इसी तरह उत्तर बस्तर कांकेर में अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनी के संबंध में कुल 05 शिकायतें प्राप्त हुई है। जो 175 खसरों से संबंधित है। इनमें से 08 खसरों की जांच हो चुकी है और 167 खसरों की जांच प्रक्रियाधीन है।
इस दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि धमतरी जिला में अवैध प्लांटिंग स्टार्टअप बन गया है, उन्होंने पूछा कि अवैध प्लांटिंग करने वालों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई।
इस पर मंत्री ने अवैध प्लाटिंग करने वालों पर नियमानुसार कार्यवाही करने का सदन में आश्वासन दिया है।
भूपेश बघेल ने पूरे मामले की विधानसभा की समिति से जांच कराने की मांग की। इस पर राजस्व मंत्री ने कहा कि जांच करने के लिए राजस्व विभाग सक्षम है।
कांग्रेस ने अवैध प्लांटिंग करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायकों से सदन से वाक आउट कर दिया।
मंत्री ने बताया कि अवैध प्लांटिंग रोकने के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जा रही है। इस कमेटी में जिला के पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के सीईओ, जिला के आवास एवं पर्यावरण विभाग के अफसर समेत 5 विभागों के अधिकारी रहेंगे।