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Vikash Tiwari झीरम पर कांग्रेस में घमासान: पार्टी नेताओं का नार्को टेस्ट की मांग करने वाले विकास तिवारी, सबूत लेकर पहुंचे कांग्रेस मुख्यालय!

Vikash Tiwari  रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राजनीति फिर एक बार झीरम को लेकर गरमा गई है। इस मामले में भाजपा के साथ ही कांग्रेस नेताओं का नार्को टेस्ट कराने की मांग करने वाले कांग्रेस नेता विकास तिवारी सोमवार को दो बड़े लिफाफे लेकर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय  राजीव भवन पहुंचे। इसमें एक में पार्टी की तरफ से उन्हें जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब है और दूसरे में झीरम घाटी हमले से जुड़े दस्तावेजी सबूत हैं।

झीरम में दिवंगत नेताओं को किया नमन

कांग्रेस मुख्यालय पहुंचते ही विकास तिवारी सबसे पहले वहां लगे झीरम के दिवंगतों की तस्वीर के पास गए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। विकास तिवारी ने वहां दंडवत प्रणाम किया। इसके बाद वे दोनों लिफाफा लेकर पार्टी महासचिव के कार्यालय में चले गए।

Vikash Tiwari झीरम पर कांग्रेस में घमासान: पार्टी नेताओं का नार्को टेस्ट की मांग करने वाले विकास तिवारी, सबूत लेकर पहुंचे कांग्रेस मुख्यालय!

ठोस सबू होने का दावा

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता रहे विकास तिवारी ने दावा किया कि उनके पास झीरमघाटी हमला को लेकर ऐसे ठोस सबूत हैं, जिनसे इस मामले में कई बड़े चेहरों का सच सामने आ सकता है। विकास तिवारी ने कहा कि वे केवल सच्चाई सामने लाना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने जांच एजेंसियों को पत्र लिखा था।

पार्टी ने जारी किया है नोटिस

उल्लेखनीय है कि झीरम घाटी कांड की जांच को लेकर विकास तिवारी ने केंद्रीय एजेंसी एनआईए और झीरम जांच आयोग को पत्र लिखकर नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी। विकास तिवारी ने इस मामले में भाजपा नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कवासी लखमा का भी नार्को टेस्ट कराने की मांग उठाई थी। इस पत्र के सामने आने के बाद कांग्रेस नेतृत्व नाराज हो गया।

Vikash Tiwari झीरम पर कांग्रेस में घमासान: पार्टी नेताओं का नार्को टेस्ट की मांग करने वाले विकास तिवारी, सबूत लेकर पहुंचे कांग्रेस मुख्यालय!

कांग्रेस ने जारी किया नोटिस

नार्को टेस्ट की मांग की बात सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर पार्टी ने विकास तिवारी को प्रवक्ता पद से हटा दिया। साथ ही प्रदेश के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू की तरफ से विकास तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था।

प्रदेश प्रवक्ता पद से हटाए गए

विकास तिवारी के बयान और पत्र के बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ बताया। पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस ने उन्हें प्रवक्ता पद से हटाते हुए औपचारिक नोटिस जारी किया। विकास तिवारी ने जांजगीर-चांपा दौरे के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान पर सवाल उठाते हुए उनके भी नार्को टेस्ट की मांग की थी।

प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेताओं की हत्या से जुड़ा है मामला

बता दें कि 2013 में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर बस्तर की झीरमघाटी में नक्सलियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल उनके पुत्र दिनेश पटेल और पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा समेत कई नेताओं को नक्सलियों ने गोली मार दी। इसी हमले में गंभीर रुप से घायल हुए वरिष्ठ नेता वीसी शुक्ला का भी निधन हो गया था। काफिले में कवासी लखमा भी शामिल थे, लेकिन वे मौके से एक बाइक लेकर निकल भागने में सफल रहे थे।

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