Vinod Kumar रायपुर। देश के ख्यातिमान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का 88 वर्ष की उम्र में मंगलवार की शाम को निधन हो गया है। छत्तीसगढ़ के इकलौते ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। इसी महीने उन्हें रायपुर स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान ही उन्होंने एम्स में अंतिम सांस ली। उनके निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्पीकार डॉ. रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कैबिनेट मंत्रियों, साहित्यकारों व अन्य ने श्रद्धांजलि दी है।
साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का जन्म राजनांदगांव जिला में 01 जनवरी 1937 को हुआ था। उन्होंने अपने सफर की शुरुआत प्राध्यापक के रूप में की थी। साथ ही वे साहित्य साधना भी करते रहे।
ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का 1971 में पहला कविता संग्रह लगभग जय हिंद प्रकाशित हुआ था। 1979 में नौकर की कमीज नाम से उनका पहला उपन्यास आया था। इस उपन्यास को मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम ने कोर्स में शामिल किया। उनके दूसरे उपन्यास दीवार में एक खिड़की रहती थी, को 1999 में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।
विनोद कुमार शुक्ल को भारत का सार्वेच्च साहित्य सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया गया। उन्हें दिया गया ज्ञानपीठ पुरस्कार 59वां था, जो वर्ष 2024 के लिए दिया गया था।
शुक्ल को कविता और उपन्यास लेखन के लिए गजानन माधव मुक्तिबोध फेलोशिप, रजा पुरस्कार, वीरसिंह देव पुरस्कार, सृजनभारती सम्मान, रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार, दयावती मोदी कवि शिखर सम्मान, भवानीप्रसाद मिश्र पुरस्कार, मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, पं. सुन्दरलाल शर्मा पुरस्कार जैसे कई पुरस्कारों से सम्मानित थे।
हाल के वर्षों में उन्हें मातृभूमि बुक ऑफ द ईयर अवॉर्ड भी दिया गया। पिछले ही साल उन्हें पेन अमेरिका ने अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के लिए नाबोकॉव अवॉर्ड से सम्मानित किया था। एशिया में इस सम्मान को पाने वाले वे पहले साहित्यकार थे।
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महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल जी का निधन एक बड़ी क्षति है। नौकर की कमीज, दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी चर्चित कृतियों से साधारण जीवन को गरिमा देने वाले विनोद जी छत्तीसगढ़ के गौरव के रूप में हमेशा हम सबके हृदय में विद्यमान रहेंगे। संवेदनाओं से परिपूर्ण उनकी रचनाएं पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। उनके परिजन एवं पाठकों-प्रशंसकों को हार्दिक संवेदना।
विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री
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हृदय स्तब्ध है और यह स्वीकार करना बड़ा कठिन है कि विनोद कुमार शुक्ल जी अब हमारे बीच नहीं रहे… सुप्रसिद्ध साहित्यकार, ज्ञान पीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल के निधन समाचार से मन को गहरी पीड़ा पहुंची है। विनोद जी का जाना केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतीय साहित्य जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
डॉ. रमन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ की साहित्यिक धरोहर, ज्ञान पीठ पुरस्कार से सम्मानित, हम सबके गौरव श्री विनोद कुमार शुक्ल जी का जाना छत्तीसगढ़ सहित देश भर के लिए अपूरणीय साहित्यिक क्षति है. उन्होंने रायपुर के एम्स अस्पताल में आज शाम 04:58 पर अंतिम सांस ली है। मैं ईश्वर से उनकी दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करता हूँ. ईश्वर उनके परिवारजनों, उनके शुभचिंतकों एवं चाहने वालों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करे. ? शांति:
भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री