रायपुर। छत्तीसगढ़ विपश्यना ट्रस्ट के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस विशेष बैठक (Special Meeting) का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा मानवता के हित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय की सराहना करना था। ट्रस्ट के आचार्यों ने मुख्यमंत्री को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उन्हें धन्यवाद (Acknowledgment) दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने चर्चा के दौरान बताया कि शासन का यह कदम शासकीय सेवकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव (Positive Transformation) लाएगा।
मुलाकात की मुख्य बातें
- प्रेरणादायक नेतृत्व: ट्रस्टियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि शासकीय कर्मियों को ध्यान के लिए प्रेरित करना एक दूरदर्शी सोच (Visionary Approach) है।
- तनाव प्रबंधन: प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि विपश्यना केवल धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक तनाव प्रबंधन (Stress Management) तकनीक है।
- नैतिक विकास: मुख्यमंत्री के साथ इस चर्चा में कर्मचारियों के भीतर सद्गुणों (Virtues) की वृद्धि और कार्यस्थल पर बेहतर माहौल बनाने पर जोर दिया गया।
- प्रतिनिधि शामिल: इस मुलाकात में केंद्र आचार्य श्री सीताराम साहू और सचिव श्री पुरषोतम लाल डागा सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।
कर्मचारियों को मिलेगा 12 दिन का सवैतनिक अवकाश
सरकार के नए नियमों के मुताबिक, अधिकारियों और कर्मचारियों को तनाव मुक्ति (Stress Relief) और नैतिक गुणों के विकास के लिए 12 दिन का सवैतनिक अवकाश (Paid Leave) दिया जाएगा। एक कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल (Service Period) में अधिकतम 6 बार इस विशेष सुविधा का लाभ उठा सकता है।
स्कूलों में ‘आनापान’ ध्यान का सुझाव
ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूलों में भी आनापान ध्यान (Anapana Meditation) शुरू किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि:
- एकाग्रता (Concentration): रोजाना 10 मिनट के अभ्यास से बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है।
- मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health): यह बच्चों को गलत आदतों और मानसिक तनाव से बचाने में कारगर (Effective) है।
- अनुभव (Experience): महाराष्ट्र, दिल्ली, असम और गुजरात जैसे राज्यों में यह पहले से ही सफलतापूर्वक लागू है।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
इस मुलाकात के दौरान केंद्र आचार्य श्री सीताराम साहू, सहायक आचार्य श्री सत्यजीत ठाकुर, श्री जी आर प्रजापति, श्री ओमप्रकाश सिंघानिया, सचिव श्री पुरषोतम लाल डागा, श्री अक्षय शर्मा और श्री अरुण अग्रवाल मुख्य रूप से मौजूद थे।
विपश्यना ट्रस्ट का मानना है कि यदि स्कूलों में हर स्कूल से कम से कम एक शिक्षक को 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाए, तो छत्तीसगढ़ के भविष्य को एक नई और सकारात्मक दिशा मिल सकती है। स्वस्थ मन (Healthy Mind) ही एक विकसित राज्य की नींव है।
Also reda विपश्यना क्या है, विपश्यना की शुरुआत कहां और कब से हुई, जानिए- डिटेल में

