Vishnudeo Cabinet बिलासपुर। विष्णुदेव साय कैबिनेट में 14वें मंत्री को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की तरफ से किशोर भादुड़ी कोर्ट में पेश हुए।
मामले की सुनवाई के दौरान सबसे पहले याचिकाकर्ता बसदेव चक्रवर्ती की तरफ से शपथ प। पेश किया गया। बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि उन्होंने अब तक क्या क्या समाज सेवा की है। कोर्ट ने शपथ पत्र के साथ यह जानकारी देने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता का शपथ पत्र स्वीकार कर लिया।
याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने बताया कि इसी तरह का एक मामला 2020 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका एनपी प्रजापति बनाम राज्य सरकार के नाम से है। सरकारी वकील ने कहा कि ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का जब तक फैसला नहीं आ जाता, तब तक हाईकोर्ट में इसकी सुनवाई कैसे हो सकती है।
इस पर याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील किशोर भादुड़ी ने बताया कि सरकारी वकील जिस याचिका की बात कर रहे हैं, वह सुप्रीम कोर्ट से पहले ही निराकृत हो चुका है। अधिवक्ता भादुड़ी के इस तर्क पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट के इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
दरअसल नियमानुसार किसी भी राज्य में वहां के विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत ही मंत्री बनाए जा सकते हैं, इसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं। इसका 15 प्रतिशत 13.5 होता है। इसी आधार पर अब तक राज्य में मुख्यमंत्री के साथ 12 मंत्री बनाए जाते थे, लेकिन इस बार सीएम के साथ 13 मंत्री बना दिए गए हैं। इसी वजह से विवाद खड़ा हो गया है।