Waqf रायपुर। छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की करोड़ों रुपये की संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्री कराए जाने का बड़ा मामला सामने आया है। प्रदेशभर में लगभग 500 संपत्तियों की रजिस्ट्री कथित तौर पर धोखाधड़ी से कराई गई है। इनमें रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और जगदलपुर जैसे प्रमुख शहरों की प्राइम लोकेशन पर स्थित दुकानें और जमीनें शामिल हैं। कई दुकानों की कीमत करोड़ों रुपये तक बताई जा रही है।
वक्फ बोर्ड की ओर से मिली जानकारी के अनुसार जीई रोड स्थित एवन बेकरी, लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल्स, जयस्तंभ चौक के ज्वेलर्स शॉप, रहमानी चौक, बंजारी चौक और हलवाई लाइन जैसे प्रतिष्ठित स्थानों की संपत्तियों की भी फर्जी रजिस्ट्री कराई गई है। कई मामलों में यह रजिस्ट्रियां 20 वर्ष पहले कराई गई थीं, जिनकी अब जांच चल रही है।
बोर्ड द्वारा अपनी संपत्तियों का ब्योरा एकत्र करने की प्रक्रिया के दौरान इन फर्जी रजिस्ट्रियों का खुलासा हुआ। इसके बाद वक्फ बोर्ड ने प्रदेश पंजीयक कार्यालय में इन रजिस्ट्रियों को शून्य घोषित करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है।
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा, वक्फ संपत्तियां दान में प्राप्त होती हैं और इन्हें बेचने का कोई अधिकार नहीं है। इन्हें केवल किराये पर दिया जा सकता है। प्रदेशभर में हमारी पांच हजार से अधिक संपत्तियां पंजीकृत हैं। सभी की फर्जी रजिस्ट्रियों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की जाएगी।
वक्फ संपत्तियों पर कई स्थानों पर समाज के लोगों ने पीढिय़ों से कब्जा जमा रखा है। कुछ जगहों पर अन्य समुदायों के लोगों ने भी संपत्तियों पर अवैध कब्जा कर रखा है। इनमें मौलाना, मौलवी और मुतवल्लियों के परिवारों का कब्जा अधिक बताया जा रहा है। बोर्ड लगातार ऐसी संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराने के लिए कदम उठा रहा है।
वक्फ बोर्ड के पास प्रदेशभर में पांच हजार से अधिक संपत्तियां हैं, लेकिन इनसे होने वाली आय बेहद कम है। अधिकांश संपत्तियां पुराने किराये पर चल रही हैं, जो बाजार दर की तुलना में बहुत कम है। आय बढ़ाने के उद्देश्य से बोर्ड ने किराये में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की है।
रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और अन्य प्रमुख शहरों में स्थित दुकानों और जमीनों का किराया बढ़ाकर राजस्व बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है। वक्फ बोर्ड की करोड़ों रुपये की संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्री का मामला छत्तीसगढ़ में बड़ा विवाद बन गया है।
अब बोर्ड इन रजिस्ट्रियों को निरस्त कराने और संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने के लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। यह कदम न केवल अवैध कब्जों को हटाने बल्कि आय बढ़ाने और संपत्तियों की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।