Raipur News: मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे (Boat Tragedy) ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना से सबक लेते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने राज्य में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ के जल पर्यटन केंद्रों पर सुरक्षा मानकों (Safety Standards) में किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कहीं भी लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और संचालकों पर सीधी गाज गिरेगी।
कलेक्टरों को ‘सुरक्षा ऑडिट’ के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने धमतरी (गंगरेल बांध) और कोरबा जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों सहित प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों को इमरजेंसी अलर्ट (Emergency Alert) जारी किया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जहां भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां चल रही हैं, वहां तत्काल Safety Audit (सुरक्षा परीक्षण) कराया जाए।
इन 5 नियमों का पालन करना होगा अनिवार्य
प्रशासन ने अब वाटर स्पोर्ट्स संचालकों के लिए SOP (Standard Operating Procedure) का पालन करना अनिवार्य कर दिया है:
जवाबदेही होगी तय (Accountability)मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के लिए नागरिकों की जान सर्वोच्च प्राथमिकता (Top Priority) है। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे इन व्यवस्थाओं की Continuous Monitoring (सतत निगरानी) करें।
यदि किसी भी स्तर पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी Punitive Action (दंडात्मक कार्रवाई) सुनिश्चित की जाए।
पर्यटकों के लिए अपील
शासन ने पर्यटकों से भी अपील की है कि वे वाटर स्पोर्ट्स का आनंद लेते समय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। छत्तीसगढ़ को एक सुरक्षित पर्यटन स्थल (Safe Tourism Destination) बनाए रखने के लिए सरकार अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

