Winter session रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने ही सरकार को घेरने का प्रयास किया। राशनकार्ड के मामले में उन्होंने भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण देने का आरोप लगाया।
इस पर विधायक शुक्ल के साथ ही भाजपा के ही विधायक अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह और धरमलाल कौशिक ने इस विषय पर विधानसभा की हाईपावर कमेटी से जांच कराने या सदन में आधा घंटा की चर्चा कराने की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विधायक शुक्ला को प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने की सलाह दी।
विधायक शुक्ल ने सवाल किया था कि क्या बिलासपुर जिला अंतर्गत वर्ष 2023 से नवंबर, 2025 की अवधि तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए एपीएल राशनकार्डधारियों को परिवर्तित कर बीपीएल राशनकार्ड जारी किया गया है? यदि हां तो कितने राशनकार्ड परिवर्तित किए गए हैं? विकासखण्डवार वर्षवार जानकारी उपलब्ध कराएं?
शुक्ला ने यह भी पूछा था कि क्या एपीएल राशन कार्ड से बीपीएल राशन कार्ड परिवर्तित करने के लिए हितग्राहियों से सहमति ली गई? यदि नहीं तो कारण बताएं ? इसके लिए दोषी अधिकारियों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई ?
इस प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री बघेल ने एपीएल को बीपीएल कार्ड में परिवर्तित किए जाने से इंकार कर दिया। इस पर शुक्ला ने बताया कि इस मामले में खाद्य विभाग की तरफ से एफआईआर कराया गया है। उन्होंने पूछा कि यदि गड़बड़ी नहीं हुई है तो फिर एफआईआर क्यों कराया गया। शुक्ला ने विभाग की तरफ से सदन में गलत जानकरी दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण दिया जा रहा है।
इस पर मंत्री बघेल ने बताया कि पिछले सत्र में विधायक शुक्ला ने ही सवाल उठाया था, उसी के आधार पर जांच की गई। इस पर शुक्ला ने कहा कि यह कैसी जांच हुई जिसमें शिकायतकर्ता से कुछ पूछा ही नहीं गया। उन्होंने कहा कि मैंने शिकायत किया था तो जांच के दौरान मुझसे तथ्य मांगा जाना चाहिए था।