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Winter session सदन में घुसी बिल्‍ली: चंद्रकार ने सरकार को घेरा,  मंत्री ने की बयान रिकार्ड से हटाने की मांग

Winter session

Winter session रायपुर। छत्‍तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सोमवार को सदन की कार्यवाही विपक्ष के बिना ही चली, लेकिन सत्‍ता पक्ष के विधायकों ने विपक्ष की कमी महसूस होने नहीं दिया। सोमवार को सदन में बिल्‍ली घुस आई। इस दौरान सदन में वित्‍त मंत्री ओपी चौधरी विजन डाक्यूमेंट पर अपना वक्तव्य दे रहे थे। तभी बिल्‍ली की आवाज आने लगी।

मोबाइल का रिंग टोन

बिल्ली सत्ता पक्ष की दीर्घा के ऊपर से म्याऊं म्याऊं करने लगी। पहले तो भाजपा विधायकों ने किसी का रिंग टोन समझा, जब बिल्ली की आवाज फिर गूंजी तो स्पीकर समेत सभी मंत्री, विधायक और अफसरों का ध्यान दीर्घा की तरफ गया। जैसे-जैसे मंत्री का वक्तव्य आगे बढ़ता गया, उसी तरह बिल्ली की आवाज भी तेज होती गई। इससे  सभी हंसने लगे, इसके बाद किसी तरह बिल्‍ली को सदन से बाहर किया गया।

मंत्री की चंद्राकर के बयान पर आपत्ति

विधायक अजय चंद्राकर ने विजन 2047 पर विशेष चर्चा के दौरान प्रक्रिया पर ही सवाल खड़ा दिया। विधायक चंद्राकर की बातों से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खड़े होकर अध्यक्ष से आपत्ति भी जताई और व्यक्तिगत आरोप लगाने वाले अंश को विलोपित करने की मांग की।

किस प्रक्रिया, किस नियम से हो रही चर्चा

सदन में चंद्राकर ने आसंदी से सवाल किया कि किस प्रक्रिया, किस नियम के तहत सदन में चर्चा हो रही है। क्या हम शासकीय संकल्प के तहत बात कर रहे हैं? क्या चर्चा के बाद मंत्री जवाब देंगे या हमें अपनी बात कहनी है? सदन में चर्चा के पूर्व नियम प्रक्रिया की जानकारी होनी थी। वित्त मंत्री चौधरी के प्रस्ताव पर चंद्राकर ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमको नहीं पता कि क्या बोलना है। पक्ष में या विपक्ष में या फिर विजन को लेकर सलाह देना है।

कम हो रहा है कृषि का रकबा

विधायक चंद्राकर ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विजन डॉक्यूमेंट के लिए बधाई देते हुए कहा कि आज तक तय नहीं हो पायाकि रोजगार की परिभाषा क्या है? कृषि का रकबा कम हो रहा है, फसलों के उत्पादन में कमी आई है, एलाईड सेक्टर में भी कमी है, लघु सूक्ष्म की योजनाएं अधर में हैं, क्षेत्रीय असंतुलन दिख रहा है।

मेक इन छत्तीसगढ़ की अवधारणा कहां है?

चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश के 97 प्रतिशत  लोग अनस्किल्ड हैं। यह छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति लागू करने लिए है या कि संशोधन करने के लिए। मेक इन छत्तीसगढ़ की अवधारणा कहां है? कुटीर उद्योगों के लिए क्या नीति है? कहीं पर भी आज तक छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए नीति नहीं है। अंजोर विजन पर भी विधायक चंद्राकर ने सवाल उठाते हुए कहा कि आपने गरीबी उन्मूलन पर बात नहीं की। रोजगार की परिभाषा स्पष्ट नहीं की। 1.25 लाख हेक्टेयर कृषि जमीन कम हो गई। कैसे सिंचाई का क्षेत्र भी कम हो हो गया।

दो साल बाद भी नहीं लगी भगवान राम की मूर्ति

चर्चा के दौरान विधायक चंद्राकर ने चंदखुरी में भगवान राम की मूर्ति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में मूर्ति बदलने की घोषणा हुई थी। आज दो साल में मूर्ति नहीं बदली जा सकी है। चंदखुरी में जो मूर्ति लगी है, वह भगवान राम की लगती ही नहीं है। इस पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर भगवान राम की मूर्ति आ जाएगी।

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