
Withdrawal of Monsoon रायपुर। दक्षिण पश्चिम मानसून जिस तेजी से आया था, उसी तेजी से लौटने लगा है। मानसून की वापसी की रेखा निर्धारित समय से करीब पांच दिन पहले ही मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से तक पहुंच चुकी है।
समय से पहले शुरू हो गई मानसून की वापसी
मानसून की वापसी सामान्यत: 17 सितंबर से राजस्थान से शुरू होती है, लेकिन इस बार यह 14 सितंबर से पहले ही शुरू हो गई है। मानसून 14 सितंबर को ही राजस्थान के बड़े हिस्से से लौट गया।
Withdrawal of Monsoon अब तक इन राज्यों से लौट चुका है मानसून
दक्षिण पश्चिम मानसून की पूरे राजस्थान के साथ गुजरात के बड़े हिस्से से वापसी हो चुकी है। जम्मू- कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के साथ ही मध्य प्रदेश के भी ऊपरी हिस्से से मानसून लौट चुका है।
यहां है मानसून की वापसी की रेखा
25 सितंबर की स्थिति में मानसून की वापसी की रेखा रामपुर, बुशहर, हरिद्वार, मुरादाबाद, इटावा, बांसवाड़ा, वल्लभ विद्यानगर और वेरावल के पास है। शुक्रवार को इसके और पीछे आने की संभावना है।
Withdrawal of Monsoon छत्तीसगढ़ में 5 से 10 अक्टूबर के बीच वापसी
छत्तीसगढ़ से मानसून की वापसी 5 सितंबर से शुरू होती और 10 से 12 अक्टूबर के बीच यह पूरी तरह लौट जाता है। वहीं, भारत से मानसून की पूरी तरह वापसी 15 से 18 अक्टूबर के बीच होती है।
दक्षिणी छत्तीगसढ़ में आज भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने शुक्रवार को दक्षिणी छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के कुछ एक स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार आज राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।

तीन संभागों में हुई जमकर बारिश
गुरुवार को राज्य के तीन संभागों रायपुर, दुर्ग और बस्तर के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है। रायपुर के गोबरा नवापारा में 14 सेमी बारिश रिकार्ड की गई। राजिम में भी 14 सेमी बारिश हुई।
आरंग 13 सेमी, पाटन, मंदिर हसौद, गुंडरदेही, बालोद, मोहला, बलौदा बाजार में 11 सेमी, खड़गांव में 10 सेमी, धमतरी, पलारी, डौंडी, औंधी, भखारा, पखांजूर और गुरुर में 9 सेमी,
माना-रायपुर-एपी, अंतागढ़, मानपुर, भिलाई, पिथौरा, मगरलोड, महासमुंद, रायपुर शहर में 8 सेमी समेत अनेक स्थानों पर 5 सेमी से अधिक बारिश हुई है।




