
women worker रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला कर्मचारियों को लेकर कानून में बड़ा बदला किया गया है। सरकार ने महिïला वकर्स से रात में काम करने के नियमों को सख्त कर दिया है। सरकार की तरफ इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। इसके साथ ही यह बदलाव लागू हो गया है।
women worker नाइट शिफ्ट में काम के नियमों में बदलाव
अधिूसूचना के अनुसार यह बदलाव महिला कर्मचारियों को रात्रि सात बजे से सुबह छह बजे तक काम करने के नियमों किया गया है। इसके अनुसार रात्रिकालीन पाली के लिए महिला कर्मचारी की सहमति प्ररूप-6-क में लिया जाना आवश्यक होगा।
रात्रि पाली में केवल या दो महिला को नहीं बुलाया जा सकता। रात्रिपाली में कम से कम 3 महिला कर्मचारी का नियोजन किया जाना आवश्यक होगा।
women worker सुरक्षित आने जाने की व्यवस्था
अधिसूचना के अनुसार रात्रि पाली में नियोजित महिला कर्मकारों को कार्यस्थल से उनके निवास तक सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिए सुरक्षा गार्ड के साथ समुचित वाहन की व्यवस्था की जाएगी।
महिïला कर्मचारियों के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहन, वाहन चालक और सुरक्षा गार्ड का पुलिस सत्यापन जरुरी है। इनका विवरण इत्यादि व अन्य अपेक्षित जानकारी नियोजक रखना होगा।
women worker पुलिस कंट्रोल रुम व अन्य नंबर
प्रत्येक ठेकेदार, कार्यस्थल पर सहजगोचर (दिखने वाले) स्थान पर स्थानीय पुलिस थाना, पुलिस कंट्रोल रूम औरं महिला सहायता केन्द्र का फोन नंबर प्रदर्शित करेगा।
सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था
प्रत्येक ठेकेदार द्वारा दुकान / स्थापना में महिला कर्मियों के लिए पृथक से मूत्रालय और शौचालय की व्यवस्था की जाएगी, जिसके दरवाजे में केवल अंदर की ओर से सुरक्षा सिटकनी की व्यवस्था होगी।
अन्य शर्तो
किसी महिला कर्मकार को मातृत्त्व हितलाभ अधिनियम, 1961 (1961 का सं. 53) के अधीन मातृत्व हितलाभ प्रावधानों के विरूद्ध नियोजित नहीं किया जाएगा।
प्रत्येक कार्यस्थल में पर्याप्त प्रकाश, हवा के साथ-साथ स्वास्थ्य अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जायेगा।
प्रत्येक कार्यस्थल, जहां कि कर्मकारों से लगातार खड़े होकर कार्य की अपेक्षा की जाती हो वहां प्रत्येक कर्मकार के लिए पृथक से बैठने की व्यवस्था नियोजक द्वारा की जाएगी, जिससे कि कर्मकार नियत अन्तराल में आवश्यकतानुरूप बैठ सके।
अग्नि से सुरक्षा
प्रत्येक ठेकेदार, अग्नि से सुरक्षा संबंधी समुचित प्रावधान का पालन करेगा।
कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीडऩ (निवारण, प्रतिषेध एव प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (2013 का सं. 14), जो स्थापनाओं पर लागू हो, के उपबंधों का अनुपालन किया जाएगा।
खतरनाक श्रेणी कार्य में पूर्णत: प्रतिबंधित
शाम सात बजे से प्रात: छह बजे के मध्य किसी भी कारखाने या खतरनाक श्रेणी के कार्य में ठेकेदार द्वारा महिलाओं का नियोजन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।





