Chaturpost News Desk | नई दिल्ली/रायपुर
छत्तीसगढ़ के कर्मचारी आंदोलन (Employee Movement) के इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। प्रदेश के एक जुझारू और जमीनी नेता ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाते हुए छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में बढ़ाया है। ‘छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ’ (6472) के कद्दावर नेता योगेश चौरे (Yogesh Chaure) को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
योगेश चौरे को अब ‘अखिल भारतीय राज्य सरकारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ’ (All India State Government Class IV Employees Federation) का राष्ट्रीय उप महामंत्री (Deputy General Secretary) नियुक्त किया गया है। यह घोषणा नई दिल्ली में संपन्न हुए राष्ट्रीय चुनाव के बाद की गई, जिससे पूरे प्रदेश के कर्मचारी जगत में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
दिल्ली में हुआ शक्ति प्रदर्शन, डॉ. गणेशन ने लगाई मुहर
नई दिल्ली में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक और चुनाव प्रक्रिया (Election Process) के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. गणेशन ने आधिकारिक तौर पर योगेश चौरे के नाम की घोषणा की। इस नियुक्ति के पीछे योगेश चौरे का वर्षों का संघर्ष और कर्मचारियों के प्रति उनकी अटूट निष्ठा (Dedication) प्रमुख कारण रही है।
इस गौरवशाली उपलब्धि में पड़ोसी राज्यों के दिग्गज नेताओं का भी विशेष समर्थन रहा। मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष एवं ऑल इंडिया मुख्य महामंत्री महेंद्र शर्मा और गुजरात के अध्यक्ष व ऑल इंडिया वाइस प्रेसिडेंट दीपेश भाई सोलंकी की अनुशंसा (Recommendation) ने इस नियुक्ति में अहम भूमिका निभाई।
योगेश चौरे की पहली प्रतिक्रिया: “यह हर कर्मचारी की जीत है”
राष्ट्रीय उप महामंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद योगेश चौरे भावुक नजर आए। उन्होंने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि न मानकर संगठन की जीत बताया। उन्होंने कहा:
“हमारे संगठन ‘छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ’ के लिए यह देश भर में नाम रोशन करने वाली बात है। मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि हमारे प्रदेश संगठन को अखिल भारतीय स्तर पर नेतृत्व (Leadership) करने का यह बड़ा अवसर मिला है। यह जीत संगठन के प्रत्येक सदस्य के संघर्ष और विश्वास की जीत है।”
क्यों खास है यह नियुक्ति? (Key Highlights)
इस नियुक्ति के मायने छत्तीसगढ़ के नजरिए से अत्यंत महत्वपूर्ण (Significant) हैं:

