8th Pay Commission Latest Update: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग (8th CPC) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कर्मचारी संगठनों के मुख्य निकाय NC-JCM (National Council-Joint Consultative Machinery) ने वेतन आयोग के सामने 9 महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं।
NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने 1 अप्रैल 2026 को आयोग के सदस्य सचिव को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के फीडबैक के लिए बनाए गए प्रश्नावली (Questionnaire) में कुछ जरूरी बदलाव किए जाएं।
पुरानी पेंशन (OPS) और महिला कर्मचारियों पर जोर OPS vs NPS
संगठन ने साफ तौर पर कहा है कि कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना (Contributory Pension) के पक्ष में नहीं हैं। उनकी प्रमुख मांग Old Pension Scheme (OPS) को बहाल करने की है। इसके अलावा, Unified Pension Scheme (UPS) और NPS से जुड़ी शिकायतों को दर्ज करने के लिए अलग से प्रावधान (Provision) की मांग की गई है।
कर्मचारी संगठनों द्वारा उठाए गए कुछ प्रमुख बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- महिला कर्मचारियों का कल्याण: सुरक्षा, मातृत्व लाभ (Maternity Benefits) और मासिक धर्म अवकाश (Menstrual Leave) जैसे मुद्दों के लिए अलग सेक्शन।
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- पेंशनभोगियों के अधिकार: पेंशन में संशोधन और समानता (Parity) के साथ-साथ कम्यूटेड वैल्यू की बहाली पर फोकस।
- समय सीमा में विस्तार: विभाग-विशिष्ट मुद्दों को जमा करने की डेडलाइन 31 मई 2026 तक बढ़ाने की मांग।
तकनीकी बाधाओं को दूर करने की मांग
NC-JCM का मानना है कि वर्तमान में जवाब देने के लिए शब्दों की सीमा (Word Limit) बहुत कम है। इसे 500 शब्दों से बढ़ाकर कम से कम 1,000 शब्द किया जाना चाहिए ताकि कर्मचारी अपना पक्ष डेटा और तर्कों के साथ रख सकें। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक आयोग ने इसे बढ़ाकर 10,000 कैरेक्टर कर दिया है।
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साथ ही, ईमेल और हार्ड कॉपी (Hard Copy) के जरिए भी ज्ञापन (Memorandum) स्वीकार करने का आग्रह किया गया है ताकि तकनीकी समस्याओं के कारण कोई पीछे न छूटे।

