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बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों की संपत्तियों का होगा Physical Verification; अवैध कब्जा करने वालों पर गिरेगी गाज

नवा रायपुर | छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय (Directorate of Urban Administration and Development) ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत अब शहरों के भीतर मौजूद सरकारी जमीन, दुकान, भवन और बगीचों का Physical Verification (भौतिक सत्यापन) अनिवार्य कर दिया गया है

संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा जारी इस निर्देश (Instruction) का मुख्य उद्देश्य नगरीय निकायों के स्वामित्व वाली अचल परिसंपत्तियों (Immovable Assets) का प्रभावी प्रबंधन और संरक्षण (Effective Management and Protection) सुनिश्चित करना है

क्यों पड़ी इस आदेश की जरूरत? (The Necessity)

अक्सर यह देखा जाता है कि नगरीय निकायों के पास अपनी करोड़ों की संपत्ति का सटीक रिकॉर्ड (Record) नहीं होता। कई जगहों पर निकाय की जमीनों पर रसूखदारों का अवैध कब्जा (Illegal Possession) है, तो कहीं दुकानें आवंटित होने के बाद भी उनका किराया निकाय के खजाने में नहीं आ रहा है। इसी अव्यवस्था को दूर करने के लिए विभाग ने अब डिजिटल डेटाबेस (Digital Database) तैयार करने का निर्णय लिया है

अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश

नवा रायपुर अटल नगर से जारी पत्र क्रमांक 2824 के माध्यम से प्रदेश के सभी आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं:

15 दिनों के भीतर सौंपनी होगी रिपोर्ट (Deadline)

यह आदेश केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित नहीं है। विभाग ने इसके लिए समय-सीमा (Timeline) भी तय कर दी है। सभी निकायों को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय (Joint Director, Regional Office) के माध्यम से संचालनालय को भेजनी होगी

E-E-A-T और पारदर्शिता (Transparency)

एक जिम्मेदार न्यूज पोर्टल के रूप में chaturpost.com यह समझता है कि इस प्रक्रिया से निकायों की वित्तीय स्थिति (Financial Status) में सुधार होगा। जब संपत्तियों का सही मूल्यांकन (Valuation) होगा, तो निकाय के राजस्व (Revenue) में वृद्धि होगी। इसके अलावा, सरकारी संपत्तियों पर होने वाले भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।

परिणामस्वरूप (Consequently), सरकार के पास हर एक इंच जमीन का हिसाब होगा। इसके अतिरिक्त (In addition), आम जनता को भी यह पता चल सकेगा कि उनके शहर में कितनी सार्वजनिक संपत्तियां उपलब्ध हैं। हालांकि (However), सबसे बड़ी चुनौती उन रसूखदारों से जमीन छुड़ाना होगा जिन्होंने सालों से इन पर कब्जा कर रखा है।

इन संपत्तियों पर रहेगा विशेष फोकस

सत्यापन के दौरान विभाग मुख्य रूप से निम्नलिखित परिसंपत्तियों पर ध्यान केंद्रित करेगा:

  1. सरकारी भूमि (Government Land): खाली पड़े प्लॉट जिनका उपयोग भविष्य की योजनाओं के लिए किया जा सकता है।
  2. भवन और दुकानें (Buildings and Shops): निकायों द्वारा निर्मित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और कार्यालय।
  3. पार्क और गार्डन (Parks and Gardens): सामुदायिक उपयोग के लिए सुरक्षित स्थान।
  4. अन्य अचल संपत्तियां (Other Immovable Assets): सामुदायिक भवन, मंगल भवन आदि।

चतुरपोस्‍ट

छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन का यह कदम Governance (शासन) में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यदि इसका क्रियान्वयन (Implementation) सही ढंग से हुआ, तो निकायों की आय बढ़ेगी और शहरों का विकास अधिक नियोजित तरीके से हो सकेगा।


संपादकीय टिप्पणी: यह रिपोर्ट विभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र क्रमांक 2824 दिनांक 29/04/2026 के आधार पर तैयार की गई है। सरकारी आदेशों की सटीक जानकारी के लिए chaturpost.com से जुड़े रहें।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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