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ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ में ‘महाजनगणना’ का आगाज! 51 हजार प्रगणक पहुंचे आपके द्वार, 33 सवालों के जवाब से तय होगा प्रदेश का भविष्य

रायपुर | Chaturpost News Desk

छत्तीसगढ़ के विकास की नई इबारत लिखने के लिए भारत की जनगणना 2027 (Census 2027) का शंखनाद हो चुका है। राज्य में पहले चरण यानी ‘मकान सूचीकरण और मकानों की गणना’ का फील्ड कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। 1 मई से शुरू हुआ यह महाभियान 30 मई 2026 तक अनवरत चलेगा।

इस बार की जनगणना पहले से बिल्कुल अलग है। जहाँ पहले कागजों के ढेर होते थे, वहीं अब डिजिटल मोड (Digital Mode) ने इसकी जगह ले ली है। प्रगणक (Enumerators) अब हाथों में टैबलेट और मोबाइल लेकर आपके घर की जानकारी दर्ज करने पहुंच रहे हैं।

डिजिटल क्रांति: पहली बार ‘पेपरलेस’ जनगणना

ऐतिहासिक रूप से, यह पहली बार है जब भारत की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। सरकार ने इसके लिए विशेष मोबाइल ऐप (Mobile App) विकसित किया है।

  • 33 महत्वपूर्ण प्रश्न: प्रगणक आपसे कुल 33 सवाल पूछेंगे।
  • क्या होगा शामिल: मकान की स्थिति, परिवार को मिलने वाली सुविधाएं (जैसे पानी, बिजली, शौचालय) और आपके पास मौजूद परिसंपत्तियों (Assets) की जानकारी ली जाएगी।
  • मुख्य उद्देश्य: इन आंकड़ों के आधार पर ही आने वाले 10 वर्षों के लिए जन कल्याणकारी योजनाएं तैयार की जाएंगी।

प्रशासन सख्त: ड्यूटी से गायब 44 कर्मचारियों को नोटिस

जनगणना कार्य को राष्ट्रीय महत्व का कार्य मानते हुए प्रशासन (Administration) ने सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नगर निगम में तैनात 44 कर्मचारी, जो अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित (Absent) पाए गए, उनके खिलाफ जनगणना अधिनियम 1948 (Census Act 1948) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या ड्यूटी से इनकार करना एक दंडनीय अपराध है। छत्तीसगढ़ सिविल आचरण नियम (CG Civil Conduct Rules) के उल्लंघन पर इन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

बस्तर के गाटम ने पेश की मिसाल

विषम परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों के बावजूद बस्तर जिले की तोकापाल तहसील के ग्राम ‘गाटम’ से एक सुखद खबर आई। यहाँ के प्रगणक ने पहले ही दिन अपना कार्य पूर्ण कर राज्य स्तर पर एक सकारात्मक संदेश (Positive Message) भेजा है। इसके अलावा, जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों ने खुद फील्ड में उतरकर कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन (Encouragement) किया।

स्व-गणना (Self-Enumeration) में छत्तीसगढ़ियों ने दिखाया दम

राज्य में बढ़ती डिजिटल साक्षरता (Digital Literacy) का प्रमाण तब देखने को मिला जब 16 से 30 अप्रैल के बीच ‘स्व-गणना’ पोर्टल खोला गया। इस दौरान प्रदेश के 1 लाख 49 हजार 862 परिवारों ने खुद ही वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज की। यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ के नागरिक राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक हैं।

फील्ड रिपोर्ट: 60 हजार की ‘आर्मी’ मैदान में

इस विशाल कार्य को संपन्न करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने एक बड़ी टीम उतारी है:

  • प्रगणक (Enumerators): 51,300 कर्मचारी।
  • पर्यवेक्षक (Supervisors): 9,000 अधिकारी।
  • कुल लक्ष्य: राज्य के प्रत्येक मकान और परिवार तक पहुंचना।

परिवर्तन की लहर (Transition of Era)

पुराने दौर की तुलना में यह संक्रमण काल (Transition Period) डेटा सटीकता के लिए जाना जाएगा। डिजिटल प्रविष्टि के कारण डेटा प्रोसेसिंग में लगने वाला समय कम हो जाएगा, जिससे जनगणना के परिणाम (Results) जल्दी घोषित किए जा सकेंगे।

नागरिकों से अपील: सही जानकारी दें

अंत में, प्रशासन ने प्रदेशवासियों से एक विनम्र अपील (Appeal) की है। जब भी प्रगणक आपके घर आएं, उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। याद रखें, आपका एक गलत जवाब भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकता है। यह केवल जानकारी देना मात्र नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण (Nation Building) में आपका अमूल्य योगदान है।


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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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