
रायपुर | छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग (Medical Education Department) ने राज्य के लाखों शासकीय सेवकों (Government Servants) और उनके परिवार के आश्रित सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश (Official Order) जारी किया है। शासन ने वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के भीतर और राज्य के बाहर स्थित कुल 151 निजी अस्पतालों (Private Hospitals) को मान्यता (Recognition) प्रदान की है।
नया सत्र: 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जारी आदेश क्रमांक GENS-1902/79/2026-MED-328290 के अनुसार, यह मान्यता 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2027 तक वैध रहेगी। इस अवधि (Period) के दौरान कर्मचारी निर्धारित अस्पतालों में अपनी बीमारी का उपचार (Treatment) करा सकेंगे।
प्रमुख अस्पतालों की सूची और विशेषज्ञता (Speciality)
सरकार ने राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और राज्य के बाहर दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों को इस सूची में शामिल किया है।
इलाज के लिए अनिवार्य नियम (Guidelines for Treatment)
शासन ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को उपचार (Medical Care) के दौरान कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य (Mandatory) होगा:
- रेफरल की आवश्यकता (Referral Letter): राज्य के बाहर इलाज कराने के लिए मेडिकल कॉलेज की ‘रेफरल कमेटी’ से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। यदि संबंधित विशेषज्ञ (Specialist) मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध नहीं है, तभी निजी अस्पताल के लिए रेफर किया जाएगा।
- आकस्मिक स्थिति (Emergency Condition): यदि स्थिति गंभीर (Emergency) है, तो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 2013 के तहत बिना रेफरल के भी इलाज शुरू किया जा सकता है। हालांकि, इसकी सूचना 7 दिनों के भीतर अपने विभाग प्रमुख (Head of Office) को देनी होगी।
- उपचार की दरें (Treatment Rates): मान्यता प्राप्त अस्पतालों में इलाज की दरें सीजीएचएस (CGHS) दरों के अनुरूप होंगी।
- लापरवाही पर रोक (No Negligence): अस्पताल इलाज शुरू करने से पहले अग्रिम धन (Advance Money) की मांग कर इलाज में देरी नहीं कर सकते।
राज्य के बाहर (Outside State) मान्यता प्राप्त अस्पताल
गंभीर बीमारियों के लिए सरकार ने देश के दिग्गज अस्पतालों के साथ भी अनुबंध (Agreement) किया है:
- नई दिल्ली: एम्स (AIIMS) के अलावा सर गंगाराम हॉस्पिटल, एस्कार्ट हार्ट इंस्टीट्यूट और बत्रा हॉस्पिटल।
- मुंबई: जसलोक हॉस्पिटल, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल और लीलावती हॉस्पिटल।
- चेन्नई: अपोलो हॉस्पिटल और शंकर नेत्रालय।
- हैदराबाद: यशोदा हॉस्पिटल और अपोलो हेल्थ सिटी।
चतुर विचार (Conclusion)
यह आदेश (Order) छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है, जिससे उन्हें कैशलेस (Cashless) या प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के माध्यम से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा (Medical Facility) मिल सकेगी। यदि आप एक शासकीय सेवक हैं, तो इस लिस्ट को अपने पास सुरक्षित रखें ताकि समय आने पर सही अस्पताल का चुनाव (Selection) कर सकें।
यह भी पढ़ें- शादी के अलावा सोना खरीदा तो देश को होगा बड़ा नुकसान! PM की इस अपील के पीछे का चौंकाने वाला ‘आर्थिक गणित’ समझें






