
न्यूज डेस्क Chaturpost। भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel and Training – DoP&T) ने केंद्रीय सिविल सेवा (Central Civil Services) के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक राहत भरा फैसला लिया है। सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट (Annual Performance Assessment Report – APAR) को पूरा करने की समय सीमा (Timeline) को आगे बढ़ा दिया है।
13 मई, 2026 को जारी किए गए आधिकारिक ज्ञापन (Office Memorandum) के अनुसार, हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनावों (State Legislature Elections) में अधिकारियों की व्यस्तता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
क्यों बढ़ाई गई समय सीमा? (Reason for Extension)
अक्सर सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए APAR एक अनिवार्य प्रक्रिया है। हालांकि, इस साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने के कारण बड़ी संख्या में केंद्रीय अधिकारी चुनाव ड्यूटी और चुनावी प्रबंधन (Election Management) में व्यस्त थे।
विभाग को लगातार यह फीडबैक मिल रहा था कि फील्ड ड्यूटी और चुनावी व्यस्तता के कारण अधिकारी निर्धारित समय के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा करने या उसकी समीक्षा करने में कठिनाइयों (Difficulties) का सामना कर रहे हैं। इसी व्यावहारिक समस्या को समझते हुए, सरकार ने “वन-टाइम मेजर” (One-time measure) के रूप में तारीखों को रिलैक्स करने का निर्णय लिया है।
किन पर लागू होगा यह आदेश?
यह आदेश सभी केंद्रीय सिविल सेवा (Central Civil Services) के सदस्यों पर लागू होगा। DoP&T के अवर सचिव अजय कुमार सिन्हा द्वारा हस्ताक्षरित इस ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यह छूट केवल रिपोर्टिंग वर्ष 2025-26 के लिए ही मान्य है।
खबर का स्रोत
एक विश्वसनीय समाचार स्रोत के रूप में, chaturpost.com अपने पाठकों को सटीक जानकारी (Accurate Information) देना सुनिश्चित करता है। सरकार का यह निर्णय कार्यालय ज्ञापन संख्या F. No. 21011/09/2026-PP (A. II) के तहत लिया गया है। इससे पहले 9 अप्रैल, 2025 को जारी किए गए मूल आदेश में जो समय सीमाएं तय की गई थीं, उनमें अब आंशिक बदलाव कर दिया गया है।
कर्मचारियों के प्रमोशन और इंक्रीमेंट पर असर
APAR किसी भी सरकारी कर्मचारी के करियर ग्राफ में सबसे अहम दस्तावेज होता है। समय पर APAR पूरा न होने से कर्मचारियों के Promotion (पदोन्नति) और Annual Increment (वार्षिक वेतन वृद्धि) में देरी होने की संभावना रहती है। सरकार के इस विस्तार (Extension) से यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी अधिकारी का करियर चुनावी ड्यूटी के कारण प्रभावित न हो।
अधिकारियों के लिए ट्रांजिशन पीरियड (Transition Period)
चुनावों के बाद जब अधिकारी अपने मूल कार्यभार पर लौटते हैं, तो उन्हें पुराने कार्यों को निपटाने में समय लगता है। ऐसे में ‘Transition period’ के दौरान यह राहत (Relaxation) प्रशासनिक कुशलता (Administrative Efficiency) को बनाए रखने में मदद करेगी।
अगला कदम क्या होगा?
सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों तक पहुँचाएं। संशोधित समय सारिणी (Revised Schedule) इस ज्ञापन के साथ संलग्न (Annexed) है, जिसमें सेल्फ-अपे्रजल से लेकर अंतिम स्वीकारोक्ति तक की हर तारीख को अपडेट किया गया है।
Chatur विचार (Conclusion):
DoP&T का यह फैसला न केवल कर्मचारियों के तनाव को कम करेगा, बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया की गुणवत्ता (Quality of Assessment) को भी सुधारेगा। यदि आप एक केंद्रीय कर्मचारी हैं, तो तुरंत अपने विभाग के प्रशासनिक अनुभाग (Administrative Section) से संपर्क कर नई तारीखों की पुष्टि करें।







