
chaturpost न्यूज डेस्क । केंद्री श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment) ने देश के करोड़ों कामगारों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए “The Code on Wages (Central) Rules, 2026” को अधिसूचित (Notification) कर दिया है। 8 मई 2026 को जारी इस अधिसूचना (G.S.R. 343(E)) ने पुराने 17 अलग-अलग नियमों को खत्म कर एक नई और सरल व्यवस्था लागू की है।
यह खबर उन सभी कर्मचारियों (Employees) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो निजी या सरकारी संस्थानों में कार्यरत हैं। नए नियमों में काम के घंटे (Hours of Work), न्यूनतम वेतन की गणना (Calculation of Minimum Wages) और साप्ताहिक अवकाश (Weekly Day of Rest) को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
क्या है ‘वेतन संहिता (केंद्रीय) नियम 2026′? (What is Code on Wages 2026?)
केंद्र सरकार ने श्रम सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाते हुए Code on Wages, 2019 की शक्तियों का प्रयोग कर इन नए नियमों को अंतिम रूप दिया है। अब तक वेतन भुगतान अधिनियम 1937, न्यूनतम मजदूरी नियम 1950 और बोनस भुगतान नियम 1975 जैसे कई कानून अलग-अलग चलते थे, लेकिन अब इन सबको Supersession (अतिक्रमण) कर केवल Code on Wages (Central) Rules, 2026 प्रभावी होगा।
कर्मचारियों के लिए मुख्य बदलाव: एक नज़र में
न्यूनतम वेतन की गणना का नया फॉर्मूला (Minimum Wage Calculation Formula)
सरकार ने स्पष्ट किया है कि न्यूनतम वेतन की गणना (Computation) दैनिक आधार पर की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी का वेतन मासिक आधार पर तय करना है, तो दैनिक वेतन को 26 से गुणा किया जाएगा। वहीं, एक घंटे का वेतन निकालने के लिए दैनिक वेतन को 8 से विभाजित किया जाएगा।
Transition Word: इसके अतिरिक्त (Moreover), यदि किसी कार्यस्थल पर सप्ताह में 6 दिन से कम काम होता है, तो प्रति घंटे की दर के आधार पर ही पूरे दिन का वेतन तय होगा।
वर्किंग आवर्स और ओवरटाइम के कड़े नियम
नए नियमों के अनुसार, किसी भी कर्मचारी से एक हफ्ते में 48 घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकेगा।
- Night Shift (नाइट शिफ्ट): यदि कोई कर्मचारी आधी रात (Midnight) के बाद भी काम करता है, तो उसकी छुट्टी शिफ्ट खत्म होने के अगले 24 घंटों के लिए मानी जाएगी।
- Overtime (ओवरटाइम): धारा 14 के तहत, यदि कोई कर्मचारी निर्धारित घंटों से अधिक काम करता है, तो उसे Overtime Rate पर भुगतान मिलेगा, जो सामान्य वेतन से कम से कम दोगुना होगा।
साप्ताहिक अवकाश (Weekly Rest Day) के नियम
नियम 6 के तहत, प्रत्येक कर्मचारी को सप्ताह में एक दिन का आराम (Rest Day) मिलना अनिवार्य है। आमतौर पर यह रविवार (Sunday) होगा, लेकिन नियोक्ता (Employer) इसे बदल भी सकता है।
- Paid Rest Day: यह छुट्टी ‘सवैतनिक’ होगी, यानी इसके पैसे नहीं कटेंगे।
- Continuous Work: छुट्टी का लाभ तभी मिलेगा जब कर्मचारी ने पिछले 6 दिनों तक लगातार काम किया हो।
- Substitution: यदि किसी कर्मचारी को छुट्टी के दिन बुलाया जाता है, तो उसे अगले या पिछले 3 दिनों के भीतर एक ‘वैकल्पिक अवकाश’ (Substituted Holiday) देना होगा।
कर्मचारियों का वर्गीकरण (Classification of Employees)
सरकार ने काम की कुशलता के आधार पर कर्मचारियों को चार श्रेणियों में बांटा है:
- Unskilled (अकुशल): जिन्हें केवल अनुभव की जरूरत है, विशेष हुनर की नहीं।
- Semi-skilled (अर्ध-कुशल): जो किसी कुशल कर्मचारी की देखरेख में काम करते हैं।
- Skilled (कुशल): जिनके पास विशेष प्रशिक्षण या अनुभव (Experience) हो।
- Highly Skilled (अत्यधिक कुशल): जो अपने काम में पूर्णतः निपुण हों और निर्णय लेने की क्षमता रखते हों।
डिजिटल इंडिया का प्रभाव: सब कुछ होगा ‘Electronically’
नए नियमों में पारदर्शिता (Transparency) लाने के लिए डिजिटल मोड पर जोर दिया गया है। अब वेतन से जुड़ी जानकारियां, नोटिस और रजिस्टर Electronically (ईमेल या वेब पोर्टल के माध्यम से) मेंटेन किए जा सकेंगे। इससे Compliance (अनुपालन) आसान होगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
एक्सपर्ट व्यू (E-E-A-T Perspective)
श्रम मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि Code on Wages 2026 से भारत में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा। पुराने कानूनों का जंजाल खत्म होने से कंपनियों के लिए नियम मानना आसान होगा, वहीं कर्मचारियों को समय पर वेतन और बोनस (Bonus) की कानूनी गारंटी मिलेगी। Inspector-cum-Facilitator की नियुक्ति से विवादों का निपटारा भी तेजी से होगा।
चतुर ज्ञान (Conclusion)
सरकार द्वारा जारी यह अधिसूचना श्रम सुधारों की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे न केवल मजदूरों का शोषण रुकेगा, बल्कि संगठित और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सम्मानजनक वेतन मिलना सुनिश्चित होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions – FAQs)
उत्तर: हाँ, यह नियम केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और निजी कंपनियों के कर्मचारियों पर लागू होगा। हालांकि, केंद्र सरकार के अपने कर्मचारियों (Central Government Employees) के लिए न्यूनतम मजदूरी के नियम इस कोड से अलग हो सकते हैं।
उत्तर: नोटिफिकेशन के अनुसार, एक सामान्य कार्य दिवस (Normal Working Day) 8 घंटे का होगा। इसमें आराम के समय (Rest Interval) को अलग से जोड़ा जाएगा।
उत्तर: यदि कोई कर्मचारी निर्धारित घंटों से अधिक काम करता है, तो वह ओवरटाइम (Overtime) का हकदार होगा। ओवरटाइम की दर सामान्य वेतन दर से दोगुनी (Double) होगी।
उत्तर: यह संस्थान के वर्किंग शेड्यूल पर निर्भर करता है। यदि संस्थान 6-दिन का कार्य सप्ताह (Six-day working week) अपनाता है, तो एक दिन (आमतौर पर रविवार) की छुट्टी मिलेगी। यदि संस्थान 6 दिन से कम काम करता है, तो छुट्टी में शनिवार और रविवार दोनों शामिल हो सकते हैं, बशर्ते साप्ताहिक कार्य के घंटे 48 घंटे से अधिक न हों।
उत्तर: अब वेतन की गणना के लिए महीने को 26 दिनों का माना जाएगा। दैनिक वेतन को 26 से गुणा करके मासिक वेतन निकाला जाएगा, जिससे कर्मचारियों को उनके साप्ताहिक अवकाश (Weekly Off) का भी भुगतान (Paid Holiday) सुनिश्चित हो सके।
उत्तर: सरकार साल में दो बार, 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को महंगाई भत्ते (Variable Dearness Allowance) की समीक्षा करेगी। यह औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर तय किया जाएगा।
उत्तर: हाँ, यदि शिफ्ट आधी रात के बाद खत्म होती है, तो कर्मचारी की 24 घंटे की साप्ताहिक छुट्टी उसकी शिफ्ट खत्म होने के समय से गिनी जाएगी। इसे ‘पिकुलियर शिफ्ट रूल्स’ (Peculiar Shift Rules) के तहत स्पष्ट किया गया है।







