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Sports Quota Jobs: खिलाड़ियों की चमकेगी किस्मत! बिजली कंपनियों में खेल कोटे से सरकारी नौकरी बढ़ाने पर बड़ा फैसला

रायपुर (Chaturpost News Network) देश के उन तमाम युवाओं और प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए बड़ी खबर (Good News) सामने आ रही है, जो खेल जगत में नाम रोशन करने के साथ-साथ एक सुरक्षित भविष्य और सरकारी नौकरी (Government Job) का सपना देख रहे हैं। ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (AIESCB) की 48वीं वार्षिक साधारण सभा (AGM) की रायपुर में हुई बैठक में एक ऐसा ऐतिहासिक प्रस्ताव सामने आया है, जो देश भर के खेल गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

इस हाई-प्रोफाइल नेशनल मीटिंग में बिजली कंपनियों के भीतर होने वाली सीधी भर्तियों (Direct Recruitment) में खेल कोटे (Sports Quota) का दायरा यानी रिजर्वेशन प्रतिशत बढ़ाने पर बेहद गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया है। अगर इस प्रस्ताव को देश के विभिन्न राज्यों के पावर बोर्ड्स द्वारा अंतिम मंजूरी (Final Approval) मिल जाती है, तो आने वाले समय में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के खिलाड़ियों के लिए बिजली विभाग में सीधे अफसर और कर्मचारी बनने के रास्ते खुल जाएंगे।

AIESCB की बैठक में क्यों उठा खेल कोटे (Sports Quota) का मुद्दा?

राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस में देश भर के पावर सेक्टर के दिग्गज नीति-नियंता (Policy Makers) जुटे थे। इसी बैठक के दौरान ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सीनियर अधिकारियों ने इस बात को स्वीकार किया कि देश की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को संभालने वाले बिजली विभागों में नए, ऊर्जावान और मानसिक रूप से मजबूत युवाओं की भारी जरूरत है।

चर्चा के दौरान यह बात प्रमुखता से उठी कि जो खिलाड़ी नेशनल या स्टेट लेवल पर पसीना बहाते हैं, उनमें गजब का डिसिप्लिन (Discipline) और टीम वर्क (Team Work) की भावना होती है। ऐसे युवाओं को अगर खेल कोटे के तहत सीधे नौकरी (Direct Job) दी जाए, तो वे विभाग के काम-काज को एक नई ऊर्जा दे सकते हैं। यही वजह है कि अब तक चले आ रहे पुराने भर्ती नियमों (Recruitment Rules) में बदलाव करके स्पोर्ट्स कोटे की सीटों में बंपर इजाफा करने का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।

खिलाड़ियों को कैसे मिलेगा इसका फायदा? समझें पूरा गणित

अब तक देश की अधिकांश बिजली कंपनियों (जैसे छत्तीसगढ़ की CSPDCL, उत्तर प्रदेश की UPPCL या अन्य राज्यों के इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड्स) में खेल कोटे के तहत बहुत ही सीमित सीटें होती थीं। कई बार तो सालों-साल इस कोटे के तहत वैकेंसी (Vacancy) ही नहीं निकाली जाती थी। लेकिन इस नई पहल के बाद भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं:

  • सीधी भर्ती का लाभ (Direct Entry): नेशनल चैंपियनशिप, खेलो इंडिया (Khelo India) या इंटरनेशनल लेवल पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को बिना किसी लंबी लिखित परीक्षा के सीधे इंटरव्यू या ट्रायल के आधार पर नौकरी दी जा सकती है।
  • सभी ग्रेड में मौका: चर्चा के अनुसार, खेल कोटे का विस्तार सिर्फ क्लर्क या मैदानी स्टाफ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे क्लास-2 और क्लास-3 के तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों (Technical & Non-Technical Posts) पर भी लागू किया जाएगा।
  • प्रमोशन में प्राथमिकता: जो खिलाड़ी पहले से बिजली विभाग में कार्यरत हैं और राष्ट्रीय स्तर पर विभाग का नाम रोशन कर रहे हैं, उनके आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन (Out of Turn Promotion) के नियमों को भी आसान बनाया जाएगा।

इन राज्यों के खिलाड़ियों को मिलेगा सबसे पहले मौका

चूंकि यह फैसला अखिल भारतीय विद्युत खेल नियंत्रण बोर्ड (AIESCB) के मंच पर लिया गया है, जिसमें देश के लगभग सभी राज्यों की बिजली कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं, इसलिए इसका असर पूरे देश में देखने को मिलेगा। आने वाले समय में जिन राज्यों में इसके तहत सबसे पहले नोटिफिकेशन (Job Notification) जारी होने की उम्मीद है, वे इस प्रकार हैं:

प्रबंध निदेशक संजीव कुमार कटियार और के एस मनोठिया ने कही बड़ी बात

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के एमडी संजीव कुमार कटियार (Sanjeev Kumar Katiyar) ने इस प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया है। उनका मानना है कि जब एक खिलाड़ी सरकारी सिस्टम का हिस्सा बनता है, तो वह अपने साथ एक विनर माइंडसेट (Winner’s Mindset) लेकर आता है। कठिन परिस्थितियों में कैसे शांत रहकर काम करना है, यह एक स्पोर्ट्सपर्सन से बेहतर कोई नहीं जान सकता।

वहीं, एआईईएससीबी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के एस मनोठिया (K S Manothia) ने साफ किया कि बोर्ड का मुख्य उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना नहीं है, बल्कि पावर सेक्टर के कर्मचारियों और देश की खेल प्रतिभाओं का सर्वांगीण विकास (Overall Development) करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फैसले से बिजली कंपनियों में खाली पड़े पदों को भरने और खेल संस्कृति (Sports Culture) को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

क्यों माना जा रहा है इसे मास्टरस्ट्रोक? रोजगार के साथ बढ़ेगा देश का मान

भारत में अक्सर यह देखा गया है कि कई बेहतरीन खिलाड़ी केवल आर्थिक तंगी और नौकरी की असुरक्षा (Job Insecurity) के कारण बीच में ही खेल छोड़ देते हैं। बिजली विभाग जैसे प्रतिष्ठित और बड़े सरकारी उपक्रम में खेल कोटे का दायरा बढ़ने से खिलाड़ियों को एक बड़ा सुरक्षा कवच मिलेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब खिलाड़ियों को यह भरोसा होगा कि उनका खेल उन्हें एक शानदार सरकारी नौकरी दिला सकता है, तो वे मैदान पर अपना 100% दे पाएंगे। इससे न केवल नेशनल स्तर पर बिजली कंपनियों के बीच होने वाले टूर्नामेंट्स का स्तर सुधरेगा, बल्कि यही खिलाड़ी आगे चलकर इंटरनेशनल स्टेज पर भारत का तिरंगा भी लहराएंगे।

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Disclaimer : यह विशेष समाचार रिपोर्ट रायपुर में आयोजित ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (AIESCB) की आधिकारिक एजीएम के दौरान साझा किए गए एजेंडे और चर्चाओं के आधार पर तैयार की गई है। विभिन्न राज्यों में खेल कोटे के तहत निकलने वाली सरकारी नौकरियों के आधिकारिक विज्ञापन और नियम संबंधित राज्य सरकारों और बिजली कंपनियों द्वारा स्वतंत्र रूप से जारी किए जाएंगे। देश भर की जॉब अपडेट्स के लिए chaturpost.com को फॉलो करें।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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