
रायपुर (Chaturpost न्यूज डेस्क): भारत का ऊर्जा और बिजली क्षेत्र (Power Sector India) इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पिछले कुछ दिनों के भीतर देश की बड़ी सरकारी और निजी बिजली कंपनियों (Power Utilities & CPSEs) ने कई ऐसे बड़े नीतिगत फैसले और रणनीतिक निवेश (Strategic Investments) किए हैं, जिनका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है।
चाहे सरकारी नवरत्न कंपनियों में शीर्ष पदों पर नियुक्तियां हों, रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के क्षेत्र में अरबों रुपये के नए टेंडर हों, या फिर राज्यों में बिजली सुधार की जमीनी योजनाएं—हर तरफ एक नई रफ्तार दिखाई दे रही है। विशेष रूप से (Particularly), देश में बढ़ते पावर इंफ्रास्ट्रक्चर (Power Infrastructure) और क्लीन एनर्जी की मांग को देखते हुए इन फैसलों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं पावर सेक्टर की इन 15 सबसे बड़ी और धमाकेदार खबरों को।
PFC: वी. पकिरीसामी ने संभाला कमर्शियल डायरेक्टर का पद (New Appointment at PFC)
भारत की अग्रणी सरकारी वित्तीय संस्था पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PFC) के बोर्ड में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि श्री वी. पकिरीसामी (Shri V. Packirisamy) ने 2 जून 2026 से कंपनी के निदेशक (कमर्शियल) के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है।
इसके अलावा (In addition to this), पकिरीसामी इस पद पर अपनी सेवानिवृत्ति (Superannuation) या अगले आदेश तक बने रहेंगे। जनवरी 1997 से PFC के साथ जुड़े पकिरीसामी के पास बिजली क्षेत्र में 33 से अधिक वर्षों का शानदार पेशेवर अनुभव (Professional Experience) है। उन्होंने अपने करियर के दौरान क्रेडिट अप्रेजल, पावर यूटिलिटीज की रेटिंग, पावर सेक्टर रिफॉर्म्स और आपरेशनल एंड फाइनेंशियल एक्शन प्लान (OFAP) तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है।
हरियाणा: 31 अगस्त से जमीन पर उतरेगा स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट (Smart Metering in Haryana)
केंद्रीय ऊर्जा और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक (Review Meeting) के बाद हरियाणा सरकार ने एक बड़ा संकल्प लिया है। राज्य में 31 अगस्त 2026 से जमीनी स्तर पर स्मार्ट मीटरिंग (Smart Metering) का काम शुरू कर दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करें और डिस्कॉम्स (DISCOMs) के परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन में सुधार लाएं। इसके परिणामस्वरूप (Consequently), तकनीकी और व्यावसायिक नुकसान (AT&C Losses) को कम करने और सब्सिडी के समय पर निपटान पर जोर दिया जाएगा। इसकी शुरुआत सरकारी उपभोक्ताओं और कर्मचारियों से होगी।
सुजलॉन एनर्जी: ‘Suzlon 2.0’ रणनीति के साथ 10 GW का महा-लक्ष्य (Suzlon 2.0 Mega Strategy)
पवन ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड (Suzlon Energy) ने अपने भविष्य के विजन को लेकर “Suzlon 2.0” रणनीति का बिगुल फूंक दिया है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2031 (FY31) तक सालाना 10 गीगावॉट (GW) रिन्यूएबल एनर्जी सेल और 15 GW का ऑर्डर बुक हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
कंपनी अब केवल एक विंड ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) न रहकर विंड, सोलर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को मिलाकर एक इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बनने जा रही है। इसके विपरीत (On the other hand), कंपनी भारतीय पवन ऊर्जा क्षेत्र में 40% मार्केट शेयर और 2027 तक अपना खुद का BESS मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।
सरकारी विनिवेश: NHPC के ओएफएस (OFS) का साइज बढ़ाकर किया 6% (NHPC OFS Size Increased)
भारत सरकार ने अपनी विनिवेश और संपत्ति मुद्रीकरण रणनीति (Disinvestment and Asset Monetisation Strategy) के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एनएचपीसी लिमिटेड (NHPC) में अपनी हिस्सेदारी बिक्री को दोगुना करने का फैसला किया है। सरकार ने ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प का उपयोग करते हुए ऑफर फॉर सेल (OFS) के आकार को 3% से बढ़ाकर 6% कर दिया है।
निश्चित रूप से (Certainly), इस बदलाव के बाद कुल ऑफर साइज 60,27,02,088 इक्विटी शेयरों का हो गया है, जिसके लिए फ्लोर प्राइस ₹71 प्रति शेयर तय की गई है। इस संशोधित ढांचे में 10% हिस्सा रिटेल निवेशकों (Retail Investors) के लिए आरक्षित रखा गया है।
ग्रीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की 11 अन्य बड़ी हलचलें (Key Industrial Updates)
पावर सेक्टर (Power Sector India) के विकास को गति देने के लिए देश की अन्य सरकारी और प्राइवेट कंपनियों ने भी कई महत्वपूर्ण समझौतों और प्रोजेक्ट्स की घोषणा की है:
- NGEL का मेगा टेंडर: एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) ने राजस्थान (7,800 MWh) और गुजरात (3,300 MWh) में सौर परियोजनाओं के साथ कुल 11,100 MWh क्षमता के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के विकास के लिए निविदाएं (Bids) आमंत्रित की हैं।
- Solarium Green Energy की भारी कमाई: कंपनी ने बड़े पैमाने के EPC प्रोजेक्ट्स की बदौलत वित्त वर्ष 2026 में अपने परिचालन राजस्व (Revenue) में 60% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो बढ़कर ₹368 करोड़ हो गया है। कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) ₹20 करोड़ रहा।
- NLC India का न्यूक्लियर प्लान: NLCIL ने 700 मेगावाट का न्यूक्लियर पावर स्टेशन स्थापित करने के लिए NPCIL के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। साथ ही, कंपनी ने कार्बन कैप्चर और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं।
- Advait Subsidiary का करार: अद्वैत एनर्जी की सहायक कंपनी ने गुजरात में 150 MW/300 MWh के स्टैंडअलोन BESS प्रोजेक्ट के लिए गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (GUVNL) के साथ 12 साल का बिजली खरीद समझौता (BESPA) साइन किया है।
- Pace Digitek का ₹1775 करोड़ का प्रोजेक्ट: कंपनी ने कर्नाटक के पावागड़ा सोलर पार्क में 250 MW सोलर प्रोजेक्ट और 250 MW/1,100 MWh बैटरी स्टोरेज सिस्टम के एकीकरण के लिए BESCOM के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं।
- Transrail Lighting की मजबूत ग्रोथ: कंपनी ने ₹16,361 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक के दम पर वित्त वर्ष 2027 के लिए 20% से 22% राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाया है।
- Marsons को मिला बड़ा ऑर्डर: मार्सन्स लिमिटेड को असम इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कॉर्पोरेशन (AEGCL) से पावर ट्रांसफार्मर की आपूर्ति के लिए ₹31.27 करोड़ का ऑर्डर (LoI) मिला है।
- Diamond Power का विस्तार: डायमंड पावर ने गुजरात के वडोदरा प्लांट में अपनी 8वीं मीडियम और एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज पावर केबल प्रोडक्शन लाइन शुरू कर दी है, जिससे इसकी कुल क्षमता 1,050 किमी प्रति माह हो गई है।
- Bajel Projects को मुंबई से ऑर्डर: बाजल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को मुंबई में डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए 400/220/33 kV गैस-इंसुलेटेड स्विचगियर (GIS) सबस्टेशन के लिए ₹300 करोड़ से ₹400 करोड़ के बीच का मेगा EPC ऑर्डर मिला है।
- GACL और CleanMax की पार्टनरशिप: गुजरात अल्कलीज ने अपने गुजरात संयंत्रों के लिए हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी (75.90 MW विंड और 84.34 MWp सोलर) की आपूर्ति के लिए क्लीनमैक्स के साथ ग्रुप कैप्टिव व्यवस्था के तहत हाथ मिलाया है।
- iNVERGY की गीगाफैक्ट्री: इनवर्जी इंडिया ने उत्तर प्रदेश के डासना में ₹200 करोड़ से अधिक के निवेश के साथ 3 GWh की वार्षिक क्षमता वाली पूरी तरह से ऑटोमेटेड BESS गीगाफैक्ट्री का उद्घाटन किया है।
थर्मल पावर प्लांट और वैश्विक विनिर्माण अपडेट (Thermal & International News)
पर्यावरण के मोर्चे पर, थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स के लिए बनी एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (EAC) ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कमेटी ने जुलाई 2025 की अधिसूचना के तहत महाराष्ट्र में धारीवाल इंफ्रास्ट्रक्चर (2×300 MW) और तमिलनाडु में मोक्सी पावर जनरेशन (2×600 MW) के प्लांट को अनिवार्य फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (FGD) सिस्टम लगाने से छूट देने की सिफारिश की है। हालांकि, पर्यावरण अनुपालन में कमियों के कारण बिहार के मुजफ्फरपुर और महाराष्ट्र के चंद्रपुर सुपर थर्मल पावर स्टेशनों के इसी तरह के अनुरोधों को स्थगित कर दिया गया है।
इसके साथ ही (Simultaneously), पावर मेक प्रोजेक्ट्स (Power Mech) ने महाराष्ट्र के बुटीबोरी में 2×300 MW थर्मल पावर प्लांट के लिए अडानी इंफ्रास्ट्रक्चर से ₹266.26 करोड़ का 60 महीने का ओएंडएम (O&M) कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, एसईजी सोलर (SEG Solar) ग्रेटर ह्यूस्टन (अमेरिका) में 4.6 GW क्षमता का अपना तीसरा सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने जा रही है, जिससे अमेरिका में उसकी कुल नियोजित क्षमता 10.6 GW हो जाएगी।
भारतीय ऊर्जा बाजार के लिए Chaturpost का नजरिया (Expert View on Power Sector)
समग्र रूप से देखा जाए तो भारतीय ऊर्जा क्षेत्र (Power Sector India) इस समय रिन्यूएबल एनर्जी और आधुनिक ग्रिड स्टोरेज तकनीकों (BESS) की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। कंपनियों द्वारा जिस तरह से हजारों मेगावाट के स्टोरेज टेंडर निकाले जा रहे हैं और फैक्ट्रियां लगाई जा रही हैं, वह इस बात का साफ संकेत है कि भारत आने वाले समय में क्लीन एनर्जी का ग्लोबल हब बनने की ओर अग्रसर है।
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हाल के दिनों में (Recently), स्मार्ट मीटरिंग और ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार पर सरकारों के बढ़ते फोकस से डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों की सेहत सुधरेगी, जिसका सीधा फायदा अंतिम छोर पर बैठे उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के रूप में मिलेगा। निवेशकों के लिहाज से भी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों की ऑर्डर बुक रिकॉर्ड स्तर पर होना भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है।







