कर्मचारी हलचल

छत्तीसगढ़ मंत्रालय में Contract Recruitment को लेकर भारी घमासान, कर्मचारी संघ ने खोला मोर्चा, सीधे टकराव के आसार!

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मंत्रालय (महानदी भवन) में इस समय एक बड़े प्रशासनिक फैसले को लेकर गहरा असंतोष फैलता नजर आ रहा है। सरकार ने मंत्रालय में 145 सहायक ग्रेड-3 (कनिष्ठ सचिवालय सहायक) के पदों पर Contract Recruitment (संविदा भर्ती) करने की तैयारियां तेजी कर दी है। सरकार के इस फैसले की भनक लगते ही छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ (Chhattisgarh Mantralayan Employee Association) ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे आने वाले दिनों में कर्मचारियों और सरकार के बीच सीधे टकराव के आसार (Signs of Conflict) बनते दिखाई दे रहे हैं।

पूरी वस्तुस्थिति यह है कि गत 17 जून को इस संबंध में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में इन रिक्त पदों को भरने के लिए प्लेसमेंट एजेंसी (Placement Agency) और आउटसोर्सिंग (Outsourcing) के माध्यम से भर्ती करने की नीति पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। राज्य शासन का तर्क है कि मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 के कुल 293 पद स्वीकृत (Sanctioned Posts) हैं, जिनमें से वर्तमान में केवल 48 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं। शेष 245 पद लंबे समय से रिक्त (Vacant Posts) चल रहे हैं।

इन पदों के रिक्त होने के कारण सचिवालय के रोजमर्रा के कामकाज और शासकीय फाइलों के निपटारे में काफी ज्यादा दिक्कतें (Administrative Difficulties) आ रही हैं। इसी प्रशासनिक संकट को दूर करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा संविदा भर्ती की यह एक वैकल्पिक व्यवस्था (Alternative Arrangement) तैयार की जा रही है।

तीन पन्नों का ज्ञापन सौंपकर दर्ज कराई आपत्ति (Employee Union Objection)

सरकारी तंत्र की इस संविदा भर्ती की योजना के विरोध में मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने शुक्रवार को अपनी आवाज बुलंद की। संघ के पदाधिकारियों ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के सचिव और वित्त विभाग (Finance Department) के सचिव को तीन पन्नों का एक विस्तृत ज्ञापन (Three-page Memorandum) सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने आउटसोर्सिंग और संविदा भर्ती की इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी कड़ी आपत्ति और चिंता जताई है।

मंत्रालयीन कर्मचारी संघ का स्पष्ट रूप से मानना है कि नियमित भर्ती (Regular Recruitment) करने के बजाय कम वेतन पर कर्मचारियों को संविदा या आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखना पूरी तरह से गलत नीति है। संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि यह योजना सीधे-सीधे भ्रष्टाचार (Corruption) और भाई-भतीजावाद (Nepotism) को बढ़ावा देने जैसी है, जो कि राज्य सरकार के स्वयं के घोषणा पत्र (Manifesto) के पूरी तरह विपरीत कार्य है।

इस विरोध में बयान जारी करने वालों में कर्मचारी संघ के प्रमुख चेहरे शामिल हैं:

  • अध्यक्ष: चंद्रकांत पांडेय
  • उपाध्यक्ष: अजीश मिरे
  • सचिव: उमेश सिंह
  • संयुक्त सचिव: महेश बड़ा
  • कोषाध्यक्ष: छविराम साहू
  • सदस्य: कुंदन साहू और दिव्यानी साहू

युवाओं के करियर पर सीधा प्रहार और अधिकारियों का तर्क (Impact on Youth)

कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने आशंका जताई है कि आउटसोर्सिंग या संविदा भर्तियों में अक्सर चयनकर्ता प्लेसमेंट एजेंसियां बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम (Bribe/Commission) लेकर भर्तियां करती हैं। इससे न केवल अयोग्य लोग व्यवस्था में शामिल होंगे, बल्कि प्रदेश के पढ़े-लिखे, शिक्षित और योग्य उम्मीदवारों के करियर और मानसिक स्थिति पर सीधा नकारात्मक प्रभाव (Negative Impact) पड़ेगा।

दूसरी तरफ, विभागीय अधिकारियों (Departmental Officials) का अपना एक अलग तर्क है। अधिकारियों के अनुसार, इन रिक्त पदों को भरने के लिए जुलाई में ही व्यापम (Vyapam) को एक प्रस्ताव भेजा गया था। किंतु, व्यापम के माध्यम से होने वाली नियमित भर्ती की प्रक्रिया में काफी अधिक समय लगने की संभावना है। मंत्रालय के सुचारू कामकाज को तत्काल गति देने के लिए ही इस वैकल्पिक व्यवस्था को एक अस्थाई कदम के रूप में अपनाया जा रहा है।

⚡  कर्मचारी संघ की मुख्य मांगें और चिंताएं (Key Demands & Issues)

छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के सचिवों को सौंपे गए अपने तीन पन्नों के ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें और गंभीर चिंताएं रेखांकित की हैं:

  • 🚫 नियमित भर्ती के बजाय संविदा का विरोध: संघ की सबसे प्रमुख मांग है कि रिक्त पदों पर कम वेतन वाले संविदा या आउटसोर्सिंग कर्मचारी रखने की योजना को तुरंत बंद किया जाए और इसके स्थान पर केवल Regular Recruitment (नियमित भर्ती) ही की जाए.
  • 📝 छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल से हो परीक्षा: मंत्रालयीन कर्मचारियों की मांग है कि सहायक ग्रेड-3 के इन रिक्त पदों को भरने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित होने वाली संयुक्त परीक्षाओं (Competitive Exams) का सहारा लिया जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों का चयन हो सके.
  • ⚠️ भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार की आशंका: संघ ने बेहद गंभीर चिंता जताते हुए आरोप लगाया है कि आउटसोर्सिंग या संविदा भर्ती के माध्यम से चयनकर्ता प्लेसमेंट एजेंसियां बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम (Brokerage/Commission) लेकर भर्तियां करती हैं. इससे व्यवस्था में सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद (Nepotism) को बढ़ावा मिलेगा.
  • 📉 शिक्षित युवाओं के करियर से खिलवाड़: कर्मचारी संघ का मानना है कि प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से होने वाली बैकडोर एंट्री से प्रदेश के वास्तविक रूप से शिक्षित, प्रतिभावान और योग्य उम्मीदवारों के करियर व उनकी मानसिकता पर सीधा और विपरीत प्रभाव पड़ेगा.
  • 🔐 शासकीय गोपनीयता भंग होने का बड़ा खतरा: चूंकि छत्तीसगढ़ मंत्रालय राज्य का सर्वोच्च कार्यालय है, जहां नीति, नियम, निर्देश और अधिनियम जैसे अत्यंत संवेदनशील और गोपनीय प्रकृति (Highly Confidential Nature) के कार्य किए जाते हैं. संघ की बड़ी चिंता यह है कि संविदा या आउटसोर्सिंग के अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति से इस सर्वोच्च केंद्र की गोपनीयता और विश्वसनीयता पूरी तरह भंग हो सकती है.
  • 💥 अन्य विभागों में गलत परंपरा की शुरुआत: मंत्रालयीन संघ ने आगाह किया है कि मंत्रालय पूरे राज्य के लिए एक मॉडल (आदर्श) की तरह काम करता है. यदि राज्य के सबसे शीर्ष कार्यालय में ही आउटसोर्सिंग के जरिए Contract Recruitment शुरू हो गई, तो प्रदेश के सभी मैदानी और अधीनस्थ कार्यालयों में भी यही मांग और गलत परंपरा पैर पसार लेगी.

चतुर विचार

कुल मिलाकर देखा जाए तो मंत्रालयीन कर्मचारियों की तीखी आपत्ति और विरोध के बावजूद सरकार ने बैठकें करके संविदा भर्ती की अपनी इस योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। सरकार जहां प्रशासनिक लाचारी और सचिवालयीन कार्य की गति का हवाला देकर अपनी जिद पर अड़ी हुई है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारी संघ इसे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और शासकीय गोपनीयता के लिए खतरा बताकर पीछे हटने को तैयार नहीं है। राज्य के इस सर्वोच्च प्रशासनिक केंद्र में उपजा यह असंतोष आने वाले दिनों में क्या रूप लेता है, यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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