कर्मचारी हलचल

झटका: NPS का पैसा निकाल चुके कर्मचारियों को नहीं मिलेगा UPS का फायदा, PFRDA ने नियमों पर लगाई अंतिम मुहर!

मुख्य बातें

  • तारीख का फेरबदल: 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद रिटायर हुए कर्मचारियों के लिए बेहद जरूरी स्पष्टीकरण ।
  • नो माइग्रेशन: NPS से UPS (Unified Pension Scheme) में स्विच करने का दोबारा नहीं मिलेगा मौका ।
  • PFRDA का फैसला: रेलवे बोर्ड ने पेंशन फंड नियामक के कड़े आदेश की कॉपी सभी जोनल रेलवे को भेजी ।
  • फैमिली पेंशन पर असर: सब्सक्राइबर की मृत्यु के बाद पत्नी/पति को भी नहीं मिलेगा यूपीएस का लाभ ।

नई दिल्ली (चतुर्पोस्ट ब्यूरो)। भारतीय रेलवे (Indian Railways) के उन हजारों कर्मचारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है, जो हाल ही में सेवानिवृत्त (Retired) हुए हैं। रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System – NPS) से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme – UPS) में ट्रांसफर होने के नियमों को लेकर एक बेहद गंभीर और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया है ।

यदि आप या आपके परिवार में कोई रेलवे कर्मचारी 1 अप्रैल 2025 के बाद रिटायर हुआ है और उसने अनजाने में भी एनपीएस का लाभ उठा लिया है, तो यह खबर सीधे तौर पर उनसे जुड़ी हुई है । सरकार ने अब साफ कर दिया है कि ऐसे कर्मचारियों के लिए यूपीएस के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं ।

क्या है पूरा मामला? (Background Analysis)

दरअसल, रेल मंत्रालय के अधीन आने वाले रेलवे बोर्ड ने 18 जून 2026 को एक आधिकारिक पत्र (Letter No. F(E)III/2024/UPS/1) जारी किया है । यह पत्र देश के सभी जोनल रेलवे (Zonal Railways), प्रोडक्शन यूनिट्स और मुख्य वित्तीय सलाहकारों (Principal Financial Advisers) को भेजा गया है ।

इस पत्र के जरिए रेलवे बोर्ड ने साफ किया है कि एक जोनल रेलवे (उत्तरी रेलवे) ने बोर्ड से एक गंभीर विषय पर स्पष्टीकरण (Clarification) मांगा था । कुछ कर्मचारी ऐसे थे जो 1 अप्रैल 2025 को या उसके बाद रिटायर हुए थे, लेकिन उन्होंने तय समय सीमा के भीतर यूपीएस (UPS) का विकल्प नहीं चुना । इसके बाद उनका पूरा सेटलमेंट एनपीएस (NPS) के तहत ही कर दिया गया और उन्होंने पेंशन का पैसा भी निकाल लिया ।

बाद में, इन कर्मचारियों ने ऑफलाइन आवेदन देकर यूपीएस में शामिल होने की इच्छा जताई, क्योंकि तकनीकी त्रुटि (Technical Error) के कारण उनके संबंधित ड्राइंग और संवितरण अधिकारी (DDOs) ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे ।

PFRDA ने क्या दिया फैसला? (Official Pension Rules)

इस उलझन को दूर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने देश में पेंशन की सर्वोच्च नियामक संस्था, पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (Pension Fund Regulatory and Development Authority – PFRDA) से संपर्क साधा । पीएफआरडीए (PFRDA) ने इस मामले में बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है ।

नियामक ने स्पष्ट किया कि PFRDA (Operationalisation of Unified Pension Scheme under National Pension System) Regulations, 2025 के चैप्टर II, रेगुलेशन 3 के तहत केवल उन्हीं लोगों को यूपीएस चुनने का अधिकार है जो पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं ।

महत्वपूर्ण समय सीमा (Stipulated Deadline): सरकार ने एनपीएस से यूपीएस (NPS to UPS migration) में स्विच करने के लिए 30 नवंबर 2025 की अंतिम तिथि (Cut-off Date) तय की थी 。 इस समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार के बदलाव की अनुमति कानूनन संभव नहीं है ।

इन 3 श्रेणियों को ही मिलेगा यूपीएस का लाभ (Eligibility Criteria)

PFRDA के नियमों के मुताबिक, यूनिफाइड पेंशन स्कीम का विकल्प केवल निम्नलिखित श्रेणियों (Categories) के लिए ही खुला है:

  • मौजूदा कर्मचारी (Existing Employees): वह केंद्रीय सरकारी कर्मचारी जो 1 अप्रैल 2025 तक सेवा में थे और एनपीएस के तहत कवर्ड थे ।
  • नए कर्मचारी (New Recruits): वह नए उम्मीदवार जिन्होंने 1 अप्रैल 2025 को या उसके बाद केंद्र सरकार की सेवाओं को ज्वाइन किया है ।
  • विशिष्ट सेवानिवृत्त कर्मचारी (Retired Employees): वह कर्मचारी जो एनपीएस के दायरे में थे और 31 मार्च 2025 को या उससे पहले सुपरन्यूएशिन (Superannuated), स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntarily Retired) या एफआर 56(जे) के तहत रिटायर हुए थे ।
  • मृतक कर्मचारियों के जीवनसाथी: यदि कोई पात्र कर्मचारी यूपीएस का विकल्प चुनने से पहले ही मृत्यु (Demised) को प्राप्त हो गया, तो उसकी कानूनी रूप से विवाहित पत्नी या पति इस विकल्प को चुन सकते हैं ।

पैसा निकाल चुके लोगों को क्यों लगा झटका? (No Migration Allowed)

रेलवे बोर्ड के निदेशक, वित्त (स्थापना) जी. प्रिया सुदर्शनी (G. Priya Sudarsani, Director, Finance) द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि वर्तमान नियमों (Extant Regulation) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो एनपीएस से पैसा निकाल चुके लोगों को यूपीएस में आने की अनुमति दे ।

आधिकारिक आदेश के शब्दों में:

“यह स्पष्ट किया जाता है कि वर्तमान नियमों के तहत उन सब्सक्राइबर्स को एनपीएस से यूपीएस में माइग्रेशन (Migration) की अनुमति देने का कोई प्रावधान नहीं है, जो 1 अप्रैल 2025 को या उसके बाद रिटायर हुए हैं और एनपीएस के तहत मिलने वाले लाभों को पहले ही प्राप्त (Availed benefits) कर चुके हैं ।”

इसी वजह से रेलवे बोर्ड ने साफ कह दिया है कि ऐसे सभी कर्मचारियों के आवेदनों को पूरी तरह से खारिज (Cannot be acceded to) कर दिया जाए ।

पारिवारिक पेंशन (Family Pension) पर भी पड़ेगा बुरा असर

इस आदेश का सबसे बड़ा और दुखद पहलू कर्मचारियों के परिवारों से जुड़ा है। पीएफआरडीए (PFRDA) ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी 1 अप्रैल 2025 के बाद सुपरन्यूएशन (Superannuation) पर रिटायर हुआ और उसने एनपीएस का लाभ ले लिया, तो उसकी मृत्यु के बाद उसकी पत्नी या पति (Spouse) भी यूपीएस के लाभों के लिए पात्र नहीं होंगे ।

Also Read पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन में बड़ा फेरबदल, इन दो दिग्गजों को मिली अहम जिम्मेदारी, जानें डिटेल्स

ऐसी स्थिति में, उस परिवार को मिलने वाली पेंशन या लाभ पूरी तरह से उसी एन्युटी प्लान (Annuity Plan) के आधार पर तय होंगे, जिसे कर्मचारी ने एनपीएस से बाहर निकलते समय खुद चुना था । इसमें किसी भी तरह का संशोधन या बदलाव बाद में स्वीकार नहीं किया जाएगा ।

UPS Pension scheme

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
Back to top button