
Bhilai Floating Solar भिलाई/रायपुर: छत्तीसगढ़ के ऊर्जा मानचित्र पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हो गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड (NTPC Limited) ने भिलाई में अपने महत्वाकांक्षी फ्लोटिंग सोलर पावर स्टेशन (Floating Solar Power Station) के अंतिम 5 मेगावाट (MW) मॉड्यूल के कमर्शियल ऑपरेशन की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही, 15 मेगावाट का यह पूरा प्रोजेक्ट अब पूरी क्षमता के साथ देश की सेवा के लिए तैयार हो गया है।
क्या है भिलाई फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट?
यह प्रोजेक्ट एनटीपीसी-सेल पावर कंपनी लिमिटेड (NSPCL) द्वारा विकसित किया गया है, जो एनटीपीसी लिमिटेड और सेल (SAIL) का एक जॉइंट वेंचर (Joint Venture) है। यह न केवल भिलाई के औद्योगिक क्षेत्र के लिए बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा, बल्कि यह छत्तीसगढ़ में ‘ग्रीन एनर्जी’ (Green Energy) के विस्तार का एक बड़ा कदम है।
प्रोजेक्ट का अंतिम मॉड्यूल, जिसमें 2.5 मेगावाट की दो यूनिट शामिल हैं—जिन्हें ‘Island-2’ के नाम से जाना जाता है—24 जून 2026 को आधिकारिक रूप से चालू किया गया।
क्यों खास है यह तकनीक?
फ्लोटिंग सोलर तकनीक (Floating Solar Technology) सामान्य सौर ऊर्जा संयंत्रों से कई मायनों में अलग और प्रभावी है:
- जमीन की बचत: चूँकि यह प्रोजेक्ट पानी की सतह पर तैरता है, इसलिए इसे लगाने के लिए अलग से कीमती जमीन का अधिग्रहण नहीं करना पड़ता।
- बेहतर दक्षता: पानी की शीतलता के कारण सोलर पैनल का तापमान कम रहता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता (Efficiency) जमीन पर लगे पैनलों की तुलना में अधिक होती है।
- पानी का संरक्षण: सोलर पैनल पानी की सतह को ढके रखते हैं, जिससे वाष्पीकरण (Evaporation) कम होता है और पानी की बचत होती है।
छत्तीसगढ़ के लिए क्या मायने हैं?
छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों के कारण बिजली की भारी मांग रहती है। भिलाई का यह प्रोजेक्ट न केवल स्थानीय स्तर पर बिजली की खपत को पूरा करने में मदद करेगा, बल्कि राज्य सरकार के उस लक्ष्य को भी बल देगा जिसके तहत अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) की हिस्सेदारी को बढ़ाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भिलाई जैसे औद्योगिक हब में ऐसे प्रोजेक्ट्स का आना यह साबित करता है कि अब उद्योग भी ‘सस्टेनेबल एनर्जी’ (Sustainable Energy) की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। एनटीपीसी ग्रुप की कुल स्थापित क्षमता अब 90,904 मेगावाट तक पहुंच गई है, जिसमें इस 15 मेगावाट के प्रोजेक्ट का योगदान भविष्य की नींव रखने जैसा है।
भविष्य की संभावनाएं
भिलाई फ्लोटिंग सोलर पावर स्टेशन का सफल क्रियान्वयन अन्य राज्यों और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक मॉडल (Role Model) का काम करेगा। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में एनटीपीसी ऐसे ही और भी प्रोजेक्ट्स पर काम करेगी, जिससे न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
यह खबर न केवल एनटीपीसी के लिए एक सफलता की कहानी है, बल्कि छत्तीसगढ़ के विकास में एक मील का पत्थर है। आने वाले दिनों में स्थानीय लोगों के लिए यह प्रोजेक्ट पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरेगा।







