
नई दिल्ली (न्यूज डेस्क )। भारत सरकार के पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के नियमों में एक बड़ा और महत्वपूर्ण संशोधन (Amendment) किया है। PFRDA ने ‘राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत निकास और प्रत्याहरण’ (Exits and Withdrawals under NPS) विनियमों में संशोधन करते हुए भारत के राजपत्र (Official Gazette) में नई अधिसूचना जारी कर दी है।
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शिवसुब्रमाणियन रमण (Shri Sivasubramanian Ramann) के हस्ताक्षरित इस आदेश के लागू होने के बाद पेंशन फंड (Pension Fund) और अंशधारकों (Subscribers) के बीच परिचालन और सेवाओं का दायरा अधिक पारदर्शी और तकनीक-संचालित हो जाएगा।
पेंशन फंड को मिली बाहरी संस्थाओं को जोड़ने की अनुमति
गैजेट में प्रकाशित नए उप-विनियम (2) के अनुसार, यदि पेंशन फंड द्वारा कोई विशिष्ट उद्देश्य योजना (Specific Purpose Scheme) उपलब्ध कराई जाती है, तो वह प्राधिकरण (Authority) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत ऐसी योजना को संचालित करने के लिए किसी भी योग्य बाहरी संस्था (Third-party Entity) की सेवाएं ले सकता है।
हालांकि, PFRDA ने स्पष्ट किया है कि यदि ऐसी किसी संस्था द्वारा काम में कोई चूक (Act of Omission or Commission) होती है, तो उसके लिए पेंशन फंड ही अंशधारक के प्रति पूरी तरह जवाबदेह (Liable) होगा।
CRA और डिजिटल सिस्टम से जुड़ना होगा अनिवार्य
नए उप-वििनियम (3) और (4) के तहत प्रावधान किया गया है कि पेंशन फंड द्वारा संलग्न की गई किसी भी बाहरी संस्था के पास सूचनाओं के एकत्रीकरण, लाभों के भुगतान की सुविधा या अन्य सेवाएं प्रदान करने के लिए केंद्रीय अभिलेखपाल अभिकरण (Central Recordkeeping Agency – CRA) और PFRDA के साथ डेटा ट्रांसफर करने की मजबूत तकनीकी क्षमता (Technological Capacity) होनी चाहिए।
इसके अतिरिक्त, PFRDA ने यह भी साफ कर दिया है कि इन सेवाओं की व्यवस्था के लिए जोड़ी गई हर संस्था प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों और लागू सभी कानूनों के अधीन कार्य करेगी।
NPS अंशधारकों के लिए इसके क्या मायने हैं?
- बेहतर और तेज सेवाएं (Fast Services): पेंशन फंड द्वारा विशेषज्ञ एजेंसियों को जोड़ने से NPS अंशधारकों को मिलने वाली सेवाएं और भुगतान प्रक्रियाएं अधिक सुगम व आधुनिक होंगी।
- सुरक्षित रहेगा पैसा: थर्ड-पार्टी एजेंसियों के शामिल होने के बावजूद पेंशन फंड की सीधी जवाबदेही होने से ग्राहकों के वित्तीय हितों और जमा राशि की सुरक्षा बनी रहेगी।
- पारदर्शिता में सुधार: CRA और PFRDA के साथ सीधे डिजिटल इंटीग्रेशन से डेटा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
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