
Bastar Olympics 2025 रायपुर। बस्तर ओलंपिक 2025 को लेकर इस बार ज्यादा उत्साह नजर आ रहा है। इसके लिए अब तक बस्तर संभाग के 7 जिलों से 3 लाख 91 हजार 289 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें 1 लाख 63 हजार 668 पुरुष और 2 लाख 27 हजार 621 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। यह संख्या न केवल बस्तर के युवाओं का खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि बस्तर की धरती पर अब खेल एक नई सामाजिक चेतना और समान भागीदारी का प्रतीक बन चुके हैं।
खेल और पुलिस विभाग का आयोजन
राज्य के अनुसूचित जनजातीय बाहुल्य बस्तर संभाग में युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से ‘बस्तर ओलंपिक 2025Ó का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में गृह (पुलिस) विभाग और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला यह आयोजन प्रदेश के रजत जयंती वर्ष में बस्तर की नई पहचान बनेगा।
तीन स्तरों पर होगा आयोजन
प्रतियोगिताएं विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित हो रही हैं। विकासखंड स्तर पर प्रतियोगिता 25 अक्टूबर से, जिला स्तर पर 5 नवम्बर से और संभाग स्तर पर 24 नवम्बर से आयोजित की जाएगी।
Bastar Olympics 2025 विजेताओं को नगद पुरस्कार भी
विजेताओं को जिला और संभाग स्तर पर नगद पुरस्कार, मेडल, ट्रॉफी और शील्ड प्रदान की जाएगी। नगद राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से खिलाड़ियों के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
बस्तर यूथ आइकॉन
संभागीय स्तर के विजेता खिलाड़ियों को बस्तर यूथ आइकॉन Bastar Youth Icon के रूप में प्रचारित किया जाएगा। यह ‘स्पोर्ट्स फॉर पीस मॉडल Sports for Peace model बस्तर में नई सामाजिक चेतना का प्रतीक बनेगा।
बस्तर की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर लाने की पहल
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके भीतर निहित नैसर्गिक खेल प्रतिभा को पहचानना है। यह पहल केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास व संवाद का सेतु बनेगी।
पीए के मन की बात में आया बस्तर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अपने ‘मन की बात कार्यक्रम में कहा था -बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं है, यह ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है, जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। यह मॉडल पूरे देश में ‘खेल के माध्यम से शांति और विश्वासÓ की अनूठी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इन प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन
प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, फुटबॉल, बैडमिंटन, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, कराते, वेटलिफ्टिंग और हॉकी जैसे खेल शामिल हैं। इसमें न केवल आधुनिक खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा, बल्कि स्थानीय परंपरा से जुड़े खिलाड़ियों को भी मंच मिलेगा।
सीनियर वर्ग के अलावा विशेष श्रेणी
बस्तर ओलंपिक में जूनियर Junior (14-17 वर्ष) और सीनियर वर्ग Senior Category के अलावा विशेष श्रेणी के प्रतिभागियों नक्सल हिंसा Naxal violence से दिव्यांग हुए व्यक्ति और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी सम्मिलित किया जा रहा है। यह पहल खेल के माध्यम से पुनर्वास, पुनर्जीवन और सामाजिक एकीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
Bastar Olympics 2025 वन भैंसा और पहड़ी मैना शुभंकर
‘बस्तर ओलंपिक 2025 के लिए वन भैंसा van bhainsa और पहाड़ी मैना pahadi maina को शुभंकर बनाया गया है, जो बस्तर की जीवंतता और सामुदायिक शक्ति का प्रतीक हैं। यह आयोजन न केवल खेलों का, बल्कि बस्तर की संस्कृति, सौहार्द और विकास के नए युग का उत्सव बनेगा।




