CG DGP  छत्‍तीसगढ़ को आज मिलेगा नया DGP, देव को मिल सकती है प्रदेश पुलिस की कमान

schedule
2025-02-04 | 03:58h
update
2025-02-04 | 03:58h
person
chaturpost.com
domain
chaturpost.com

CG DGP रायपुर। छत्‍तीसगढ़ के डीजीपी अशोक जुनेजा का कार्यकाल आज खत्‍म हो रहा है। इसके साथ ही उनके सेवा विस्‍तार की संभावना भी खत्‍म हो गई है। चूंकि डीजीपी के चयन के लिए विभागीय पदोन्‍नति समिति (डीपीसी) की बैठक नहीं हुई है। इस वजह से राज्‍य सरकार अपनी तरफ से आज प्रभारी डीजीपी की नियुक्ति का आदेश जारी करेगी। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की हरी झंडी मिलने के बाद फुल टाइटम नियुक्ति का आदेश जारी किया जएगा।

CG DGP देव होंगे प्रभारी डीजीपी

छत्‍तीसगढ़ के प्रभारी डीजीपी देव होंगे। अब यह देव अरुण देव गौतम होंगे या पवन देव अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार ज्‍यादा संभावना अरुण देव गौतम के डीजीपी बनने की है। दोनों देव एक ही बैच के हैं। ग्रेडेशन लिस्‍ट में पवन देव पहले नंबर पर है। ऐसे में यदि वरिष्‍ठता के हिसाब से आदेश जारी होता है तो पवन देव प्रभारी डीजीपी बनेंगे, लेकिन सरकार की पसंद के हिसाब से काम होगा तो अरुण देव गौतम भी डीजीपी बन सकते हैं।

CG DGP डीपीसी नहीं इसलिए अभी प्रभारी डीजीपी

अफसरों के अनुसार छत्‍तीसगढ़ के नए डीजीपी की नियुक्ति का प्रस्‍ताव यूपीएससी को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक डीपीसी की बैठक नहीं हो पाई है। बता दें कि नियमानुसार फुल टाइम डीजीपी की नि‍युक्ति यूपीएससी के जरिये ही होती है। डीजीपी के चयन के लिए दिल्‍ली में डीपीसी की बैठक होगी। इसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्‍य सरकार की तरफ से मुख्‍य सचिव और गृह विभाग के एसीएस शामिल होंगे। बैठक राज्‍य सरकार की तरफ से भेजे गए वरिष्‍ठ अफसरों के पैनल में शामिल नामों पर विचार किया जाएगा। इसके आधार पर यूपीएससी की हरी झंडी मिलेगा। वहां से चयनित नामों में से किसी एक को राज्‍य सरकार डीजीपी बनाने का आदेश जारी कर सकती है।

 CG DGP  अशोक जुनेजा भी बने थे प्रभारी डीजीपी

बता दें कि 2018 में सत्‍ता में आने के बाद तत्‍कालीन कांग्रेस सरकार ने तब के डीजीपी डीएम अवस्‍थी को हटा दिया था। अवस्‍थी के स्‍थान पर अशोक जुनेजा को प्रभारी डीजीपी बनाया गया था। इसके साथ ही उनके नाम का प्रस्‍ताव यूपीएससी को भेज दिया गया था। करीब छह महीने के बाद यूपीएससी से करीब छह महीने बाद जुनेजा के नाम को मंजूरी मिली थी।

यह भी पढ़ें- छत्‍तीसगढ़ के 24 साल के इतिहास में अब तक कितने डीजीपी हुए हैं, सबसे लंबा कार्यकाल किसका रहा, जानने के लिए यहां क्लिक करेंAMP

chatur postFebruary 4, 2025
247 2 minutes read
Follow Us
Imprint
Responsible for the content:
chaturpost.com
Privacy & Terms of Use:
chaturpost.com
Mobile website via:
WordPress AMP Plugin
Last AMPHTML update:
06.03.2026 - 08:18:36
Privacy-Data & cookie usage: