
DA Hike रायपुर। छत्तीसगढ़ में काम कर रहे अखिल भारतीय सेवा के अफसरों को सरकार ने आज एक बड़ी सौगात दी। सरकार ने अखिल भारतीय सेवा के अफसरों को जो सौगात दी है, उसके लिए प्रदेश के लाखों कर्मचारी बीते कई महीने से संघर्ष कर रहे हैं। अलग-अलग कर्मचारी संगठन मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
यह है अखिल भारतीय सेवा
खबर को डिटेल में जानने से पहले यह जान लें कि अखिल भारतीय सेवा क्या है। राज्य में काम कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेव (IFS) के अफसर अखिल भारतीय सेवा में आते हैं।
सरकार ने दी यह सौगात
राज्य सरकार ने अखिल भारतीय सेवा के अफसरों को महंगाई भत्ता की सौगात मिली है। सरकार ने बुधवार को अखिल भारतीय सेवा के अफसरों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ाने का आदेश जारी किया गया है।
DA Hike 58 प्रतिशत हो गया महंगाई भत्ता
तीन प्रतिशत की इस बढ़ोतरी के साथ राज्य के काम कर रहे अखिल भारतीय सेवा के अफसरों का महंगाई भत्ता 55 से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है। वहीं, राज्य के शासकीय सेवकों का महंगाई भत्ता अभी 55 प्रतिशत ही है।
अगस्त में केंद्रीय कर्मियों का बढ़ा डीए
केंद्रीय कर्मचारियों का डीए तीन प्रतिशत बढ़ाने का आदेश 27 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। बढ़ी हुई दरें जुलाई 2025 से लागू की गई है। केंद्र सरकार ने अपने कर्मियों को एरियर्स देने की भी घोषणा की है।
स्वत: बढ़ जाता है अखिल भारतीय सेवा का डीए
जानकारों के अनुसार अखिल भारतीय सेवा के अफसरों का डीए केंद्रीय कर्मियों का डीए बढ़ने के साथ ही बढ़ जाता है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय की तरफ से आदेश जारी होने के साथ ही वह राज्य में भी लागू हो जाता है।
इंतजार में राज्य के शासकीय सेवक
इधर, प्रदेश के शासकीय सेवक अभी भी डीए बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें अभी भी 55 प्रतिशत डीए मिल रहा है। राज्य के शासकीय सेवको का एक दर्द यह भी है कि 2019 के बाद से उन्हें एरियर्स भी नहीं दिया जा रहा है। डीए का आर्डर विलंब से जारी किया जाता है और एरियर्स नहीं देते।
संघ का एक मांग एक मंच अभियान
प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष करन सिंह अटेरिया ने बताया कि संघ की तरफ एक मांग एक मंच अभियान के तहत एक सूत्रीय डीए एरियर्स की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।
DA Hike फेडरेशन ने दी है आंदोलन की चेतावनी
बता दें कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने दो दिन पहले ही 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी जारी की है। फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के अनुसार कर्मचारी संगठनों की 11 सूत्रीय मांगों में बकाया एरियर्स को जीपीएफ खातों में समायोजित करने की मांग की जा रही है।
मोदी की गारंटी में वादा
कर्मचारी संगठनों के अनुसार 2023 के विधानसभा चुनाव मे भाजपा ने अपने घोषणा पत्र जिसे मोदी की गारंटी के नाम से जारी किया गया था उसमें महंगाई भत्ता के बकाया एरियर्स भुगतान करने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार बने डेढ़ साल से ज्यादा हो गया है, लेकिन अब तक इस दिशा में सरकार ने कोई पहल नहीं की है।




