
भिलाई, । छत्तीसगढ़ के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए 26 अप्रैल 2026 का दिन बेहद ऐतिहासिक (Historic) रहा। भिलाई स्थित ITI परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ आईटीआई कर्मचारी अधिकारी संघ के संभागीय और जिला अध्यक्षों का चुनाव संपन्न हुआ।
सबसे खास बात यह रही कि यह पूरी चुनावी प्रक्रिया (Election Process) पूरी तरह से लोकतांत्रिक रही और सभी पदाधिकारियों का चयन निर्विरोध (Unopposed) किया गया, जो संघ की एकजुटता को दर्शाता है।
वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में संपन्न हुआ निर्वाचन
इस महत्वपूर्ण चुनाव को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए अनुभवी निर्वाचन अधिकारियों (Election Officers) की नियुक्ति की गई थी। विजय लहरे (महामंत्री, छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ) ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी की भूमिका निभाई। उनके साथ जयंत साहू (संभागीय अध्यक्ष, आईटीआई रायपुर) सहायक निर्वाचन अधिकारी के रूप में मौजूद रहे।
इन दिग्गजों के कुशल मार्गदर्शन (Guidance) में पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूरी हुई।
दिग्गज नेताओं की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि (Chief Guest) के रूप में संतोष वर्मा शामिल हुए, जो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (ITI कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन) होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के महामंत्री भी हैं। उनके संबोधन ने कर्मचारियों में नई ऊर्जा (Energy) भर दी।
इसके अलावा, मंच पर अन्य विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही:
- हरि शर्मा: उप प्रांताध्यक्ष, शिक्षक संघ छत्तीसगढ़।
- भानु प्रताप यादव: जिला अध्यक्ष, दुर्ग (तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ)।
- शिवदयाल घृतलहरे: सचिव, दुर्ग (तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ)।
- धर्मेंद्र देशमुख: कार्यालय सचिव।
- गोरख प्रसाद: प्राचार्य, महिला आई टी आई पुलगांव।
संवाद और समन्वय की मिसाल
इस पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन (Successful Moderation) हितेंद्र साहू और केवल वर्मा (संभागीय प्रचार सचिव) द्वारा किया गया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि संघ की मजबूती (Unity) ही कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने का एकमात्र जरिया है।
निर्विरोध चुने जाने पर नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संकल्प (Commitment) लिया कि वे कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण और उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य करेंगे।
विशेष (Expert View)
आईटीआई कर्मचारी संघ का यह चुनाव न केवल संगठन के लिए बल्कि आगामी सरकारी नीतियों (Government Policies) के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जब नेतृत्व निर्विरोध चुना जाता है, तो यह शासन-प्रशासन के सामने एक मजबूत पक्ष (Strong Front) रखने में सक्षम होता है।
निष्कर्ष (Conclusion): दुर्ग संभाग में आईटीआई कर्मचारियों का यह नया सेटअप आने वाले समय में तकनीकी शिक्षा और कर्मचारी हितों के बीच एक सेतु (Bridge) का काम करेगा। छत्तीसगढ़ की अन्य खबरों और कर्मचारी जगत के अपडेट्स के लिए Chaturpost.com के साथ जुड़े रहें।
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