
रायपुर: छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कमर कस ली है। रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों’ (सेजस) के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक में मंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि अब विद्यालयों को केवल प्रभावी ही नहीं, बल्कि परिणामोन्मुखी (Result-oriented) बनाना होगा।
डॉ. अंबेडकर के मूल्यों पर फोकस और अनुशासन
बैठक की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जीवनी के स्मरण के साथ हुई। शिक्षा मंत्री ने प्रदेशभर से आए करीब 751 प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें विद्यार्थियों में समता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के मूल्यों को विकसित करना है। उन्होंने जोर दिया कि राज्य के शिक्षा स्तर को सुधारने में प्राचार्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
शिक्षा मंत्री के प्रमुख निर्देश: जो स्कूलों में बदलेंगे माहौल
बैठक के दौरान मंत्री गजेंद्र यादव ने कई नवाचारी निर्देश दिए, जो आगामी सत्र से स्कूलों में दिखाई देंगे:
- प्राचार्य भी लेंगे क्लास: अब केवल प्रशासनिक कार्य ही नहीं, बल्कि प्राचार्यों को भी अनिवार्य रूप से कम से कम एक कक्षा लेनी होगी।
- इंग्लिश स्पीकिंग डे: अंग्रेजी दक्षता सुधारने के लिए महीने में एक दिन विशेष तौर पर ‘इंग्लिश स्पीकिंग डे’ के रूप में मनाया जाएगा।
- मोबाइल पर नियंत्रण: स्कूल परिसर के भीतर मोबाइल फोन के उपयोग पर कड़ा नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- एआई (AI) और आधुनिक तकनीक: शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष रणनीति
मंत्री ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। स्कूलों में अब केवल बोर्ड परीक्षा ही नहीं, बल्कि NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष मार्गदर्शन और रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर सकें।
संस्कार और कौशल विकास पर जोर
स्कूलों में अब दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और दीप मंत्र से होगी, जबकि छुट्टी के समय गायत्री मंत्र और शांति पाठ का आयोजन होगा। इसके अलावा:
- शनिवार बनेगा एक्टिविटी डे: हर शनिवार को विशेष गतिविधि दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
- कौशल विकास: छात्रों को योग अभ्यास के साथ-साथ गार्डनिंग और हाउसकीपिंग जैसे व्यावहारिक कौशल सिखाने के लिए अनिवार्य समूह बनाए जाएंगे।
सेजस का विजन: 4.22 लाख विद्यार्थियों का भविष्य
बैठक में पीपीटी के माध्यम से बताया गया कि वर्तमान में 4.22 लाख से अधिक छात्र आत्मानंद स्कूलों में अध्ययनरत हैं। स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी और शिक्षकों की नई भर्ती के माध्यम से इस मिशन को और मजबूत किया जा रहा है।
बैठक में समग्र शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, संयुक्त सचिव फरिहा आलम सिद्दकी सहित शिक्षा विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेशभर के प्राचार्य उपस्थित रहे।







