नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने राज्य के औद्योगिक विकास को सुरक्षा कवच देने के लिए “छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल नियम, 2026” को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है। ISF.pdf के अनुसार, यह नियमावली न केवल सुरक्षा बल के कामकाज को तय करती है, बल्कि निजी और सार्वजनिक उपक्रमों के साथ उनके समन्वय को भी परिभाषित करती है।
इस नई व्यवस्था के तहत, बल का प्रबंधन अब पूरी तरह से कॉर्पोरेट स्टैंडर्ड और पुलिस अनुशासन का मिश्रण होगा।
बल का गठन और प्रशासनिक ढांचा (Hierarchy & Structure)
बल को प्रभावी बनाने के लिए इसे मुख्य रूप से दो शाखाओं में बांटा गया है: कार्यपालक (Executive) और अनुसचिवीय (Ministerial)।
- प्रमुख नेतृत्व: पुलिस महानिदेशक (DGP) बल के सर्वोच्च प्रमुख होंगे, जबकि विशेष या अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) दैनिक प्रशासन और प्रशिक्षण के लिए उत्तरदायी होंगे।
- ग्राउंड कमांड: सेनानी (Commandant) अपनी बटालियन के हथियारों, गोला-बारूद और संपत्ति की सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
- यूनिट का विभाजन: बल को बटालियन, कंपनी, प्लाटून और अनुभागों (Sections) में विभाजित किया जाएगा।
प्रतिनियुक्ति और भत्तों का गणित (Deputation & Benefits)
बल के सदस्यों की भर्ती सीधे न होकर प्रतिनियुक्ति (Deputation) के माध्यम से होगी।
- सैलरी बूस्टर: प्रतिनियुक्ति पर आने वाले हर सदस्य को उनके मूल वेतन (Basic Pay) का 12% अतिरिक्त प्रतिनियुक्ति भत्ता मिलेगा।
- अनुभव की शर्त: केवल वही कर्मचारी आवेदन कर सकते हैं जिनकी सेवा कम से कम 7 वर्ष पूरी हो चुकी हो।
- अयोग्यता का नियम: यदि कोई सदस्य 3 साल से पहले अपनी मूल इकाई में वापस लौटता है, तो उसे भविष्य में फिर कभी प्रतिनियुक्ति के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।
उपक्रमों के लिए नियम और वित्तीय उत्तरदायित्व (Financial Responsibility)
औद्योगिक संस्थानों (Plant/Industry) को सुरक्षा के बदले पूरी लागत वहन करनी होगी।
- लागत की प्रतिपूर्ति: बल के वेतन, भत्ते, वर्दी, और यहाँ तक कि गोला-बारूद के रख-रखाव (A.M.C.) का खर्च भी संबंधित उपक्रम ही उठाएगा।
- मुफ्त सुविधाएं: उपक्रम प्रबंधन को बल के लिए किराया-मुक्त आवास (Rent-free Housing), परेड ग्राउंड, और खेल का मैदान देना अनिवार्य होगा।
- भुगतान में देरी पर जुर्माना: देयक (Bill) प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर भुगतान करना होगा, अन्यथा 3% प्रतिमाह की दर से अधिभार (Surcharge) देना होगा।
तकनीकी परामर्श और प्रशिक्षण (Consultancy Services)
CG-SISF अब केवल गार्डिंग फोर्स नहीं रहेगी, बल्कि यह एक कंसल्टेंसी विंग के रूप में भी काम करेगी।
- निर्धारित शुल्क देकर कोई भी संस्थान औद्योगिक सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) और आपदा प्रबंधन (Disaster Management) के लिए तकनीकी परामर्श ले सकेगा।
- संस्थानों के सुरक्षा ऑडिट और संचार नेटवर्क (Communication Network) की योजना बनाने के लिए भी यह बल विशेषज्ञ सेवाएं देगा।
छत्तीसगढ़ औद्योगिक सुरक्षा बल नियम 2026 की अधिसूचना
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