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Chaitanya Baghel चैतन्य के खिलाफ 7 हजार पन्नों की चार्जशीट: अब EOW ने मांगी 7 दिन की रिमांड, हाईकोर्ट से याचिका खारिज  

चैतन्य को 16 करोड़ रुपए से ज्यादा मिलने का आरोप

Chaitanya Baghel   रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित शराब घोटाला में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। सोमवार को ED ने उनके खिलाफ चालान पेश किया तो ईओडब्ल्यू एसीबी ने रिमांड मांग की है।

सात हजार पन्नों का चालान

शराब घोटाला में शामिल होने के आरोप में जेल में बंद चैतन्य बघेल के खिलाफ ईडी ने सोमवार को रायपुर की विशेष कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। ED की टीम सात हजार पन्नों की चार्जशीट चार बंडलों में लेकर पहुंची थी। सूत्रों के अनुसार शराब घोटाला में चैतन्य के शामिल के संबंध में ईडी की तरफ से कई साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं।

EOW-ACB  ने मांगी सात दिन की रिमांड

इस बीच राज्य सरकार की जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू-एसीबी भी चैतन्य से पूछताछ करने की तैयारी में है। ईओडब्ल्यू- एसीबी की तरफ से कोर्ट में आवेदन पेश किया गया है, इसमें ईओडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए चैतन्य बघेल की सात दिन की रिमांड मांगी है। ईओडब्ल्यू के इस आवेदन पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। मंगलवार को कोर्ट कोई आदेश दे सकता है।

अग्रिम जमानत याचिका खारिज

ईओडब्ल्यू की तरफ से रिमांड पर लिए जाने के खिलाफ चैतन्य बघेल की तरफ से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। एडिशनल एडवोकेट जनरल विवेक शर्मा ने इसका यह कहते हुए विरोध किया कि ईओडब्लयू की स्पेशल कोर्ट के बजाए सीधे हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है, इसलिए सुनवाई नहीं होनी चाहिए। चैतन्य बघेल की ओर से एडवोकेट हर्षवर्धन परगनिहा ने पैरवी की। सुनवाई के बाद जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने याचिका खारिज कर दी है।

चैतन्य को 16 करोड़ रुपए से ज्यादा मिलने का आरोप

ईडी ने  राज्य में हुए कथित शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में चैतन्य बघेल को भी आरोपी बनाया है। ईडी ने आरोप लगाया है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं। आरोप है कि चैतन्‍य ने शराब घोटाले से मिली ब्लैक मनी को रियल एस्टेट और जमीन से जुड़े प्रोजेक्‍ट्स में निवेश किया है।

Chaitanya Baghel   ब्लैक मनी को वाइट करने का आरोप

ईडी ने चैतन्य बघेल ने ब्लैक मनी को वाइट करने का आरोप लगाया है। ईडी का आरोप है कि ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए चैतन्य ने फर्जी निवेश दिखाया है। साथ ही सिंडिकेट के साथ मिलकर 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेराफेरी) की गई है।

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