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सावधान! रायपुर AIIMS कर्मी के खाते से उड़े 1.64 लाख; बिजली कंपनी का कर्मचारी बन ठगों ने भेजा था एक ‘खतरनाक लिंक’

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रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने अब सीधे ‘सिस्टम’ की जानकारी का इस्तेमाल कर लोगों को लूटना शुरू कर दिया है। ताजा मामला आमानाका थाना इलाके का है, जहां एम्स (AIIMS) रायपुर में पदस्थ एक नर्सिंग ऑफिसर को शातिर ठगों ने अपना शिकार बनाया। ठगों ने बड़ी चालाकी से पीड़ित को उनके नए बिजली मीटर का असली BP (Billing Process) नंबर बताकर भरोसा जीता और फिर देखते ही देखते खाते से 1.64 लाख रुपये पार कर दिए।

बिजली कनेक्शन लगने के अगले ही दिन ठगी

पीड़ित हरकेश सिंह यादव (36), जो हीरापुर के हर्षित विहार में रहते हैं, सरोना में अपना नया मकान बनवा रहे हैं। उन्होंने चंगोराभाठा बिजली कंपनी के ऑफिस में नए कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था। 25 मार्च को मीटर लगा और ठीक अगले दिन 26 मार्च को उनके पास ‘यमराज’ रूपी ठग का व्हाट्सएप कॉल आया।

ऐसे बुना ठगी का जाल: APK फाइल का खूनीखेल

ठग ने खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी बताया। विश्वास जीतने के लिए उसने हरकेश के मीटर का सटीक BP नंबर भी साझा किया। इसके बाद उसने कहा कि ‘वेरिफिकेशन’ के लिए एक फॉर्म भरना होगा और व्हाट्सएप पर एक APK (Android Package Kit) फाइल भेजी।

सावधान! APK फाइल डाउनलोड करते ही बैंक खाता साफ

रायपुर के आमानाका इलाके में हुई इस ठगी ने सबको चौंका दिया है। ठगों ने AIIMS के नर्सिंग ऑफिसर को उनके नए बिजली मीटर का असली BP नंबर बताकर झांसे में लिया। इस पूरी ठगी का मुख्य हथियार एक APK फाइल थी।

⚠️ चतुर पोस्ट अलर्ट: क्या है यह APK फाइल?

व्हाट्सएप पर भेजी गई .apk फाइल दरअसल एक खतरनाक सॉफ्टवेयर होता है। इसे इंस्टॉल करते ही आपके मोबाइल का पूरा कंट्रोल (OTP, मैसेज, गैलरी) ठगों के पास चला जाता है। बिजली विभाग कभी भी ऐसी फाइल नहीं भेजता।

घटना का विवरण एक नजर में

विवरण जानकारी
पीड़ित नर्सिंग ऑफिसर, AIIMS रायपुर
ठगी की रकम ₹1,64,000
ठगी का तरीका फर्जी बिजली विभाग कॉल + APK फाइल
पैसा कहाँ गया? ब्लिंकिट और एप्पल कंपनी के अकाउंट में
हेल्पलाइन नंबर: अगर आपके साथ भी ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत भारत सरकार के साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

क्या होती है APK फाइल और क्यों है खतरनाक?

साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ठग अक्सर व्हाट्सएप पर फाइल भेजते हैं जिसके अंत में .apk लिखा होता है।

  1. रिमोट एक्सेस: इसे इंस्टॉल करते ही आपका मोबाइल स्क्रीन ठग के पास चला जाता है।
  2. OTP चोरी: यह फाइल आपके मैसेज पढ़ने की परमिशन ले लेती है, जिससे आपके बैंक का OTP सीधे ठग को दिख जाता है।
  3. डेटा चोरी: आपके गैलरी, कॉन्टैक्ट्स और बैंकिंग ऐप्स का कंट्रोल हैकर्स के हाथ में चला जाता है।

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