UPDATE रायपुर। रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार (Vishnu Deo Sai Govt) की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आज यानी बुधवार, 15 अप्रैल को मंत्रालय (महानदी भवन) में होने जा रही है। सुबह 11:30 बजे से शुरू होने वाली इस बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई बड़े विषयों (Major Issues) पर चर्चा कर नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे।
बस्तर रोडमैप 2.0 और ‘मुन्ने’ पहल: बस्तर में अधोसंरचना और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए ‘बस्तर मुन्ने’ (Pioneering Bastar) योजना पर मुहर लग सकती है। इसके तहत पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदलने और दूरदराज के इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी सुधारने के लिए बड़े बजट का प्रावधान संभव है।
बता दें कि ही हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नई दिल्ली गए थे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें बस्तर के विकास का रोडमैप सौंपा था। इसी रोड मैप के क्रियान्वयन को लेकर सरकार बड़ा फैसला ले सकती है।
PNG Gas: अब घर-घर पहुंचेगी सस्ती गैस
सरकार का मुख्य फोकस रायपुर, भिलाई और दुर्ग के बाद अब बिलासपुर और कोरबा जैसे शहरों में ‘सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन’ (CGD) प्रोजेक्ट को रफ्तार देना है। कल की बैठक में ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस’ (Single Window Clearance) नीति पर मुहर लग सकती है।
इससे सड़कों की खुदाई और पाइपलाइन बिछाने के काम में आने वाली कानूनी अड़चनें खत्म होंगी। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों (Industrial Areas) जैसे उरला और सिलतरा में भी सीधे गैस सप्लाई की योजना है, जिससे फैक्ट्रियों की लागत (Production Cost) कम होगी और प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी।
समन्वय के लिए बनेगी ‘नोडल एजेंसी’
पाइपलाइन बिछाने के दौरान अक्सर नगर निगम और PWD के बीच टकराव होता है। सरकार इस समस्या को खत्म करने के लिए एक ‘नोडल एजेंसी’ (Nodal Agency) का गठन कर सकती है। यह एजेंसी गैस कंपनियों और सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल (Coordination) सुनिश्चित करेगी।
कल की बैठक के 4 बड़े संभावित एजेंडे (Agenda Points):
- खरीफ सीजन 2026 (Kharif Season): मानसून के आगमन से पहले खाद-बीज (Fertilizers) के अग्रिम भंडारण और सोसायटियों में वितरण की रणनीति पर फैसला होगा।
- पेयजल और गर्मी का संकट (Water Crisis): प्रदेश के सूखा प्रभावित इलाकों में नए ट्यूबवेल और नल-जल योजना के अधूरे कार्यों के लिए एक्स्ट्रा बजट (Extra Budget) जारी किया जा सकता है।
- महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan): लाभार्थियों के सत्यापन (Verification Process) को डिजिटल रूप से और भी सरल बनाने पर चर्चा संभव है।
- निकाय चुनाव की तैयारी (Civic Polls): प्रदेश में होने वाले आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए वार्ड परिसीमन और मतदाता सूची के नियमों में बदलाव पर मुहर लग सकती है।

