CHIRAAG रायपुर। विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल में कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने विश्व बैंक के सहायोग से पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई चिराग परियोजना (Chhattisgarh Inclusive Rural and Accelerated Agriculture Growth) की जांच कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही महत्वकांक्षी योजना थी।
मामला भाजपा के अजय चंद्राकर ने उठाया उन्होंने पूछा कि 183 करोड़ की यह परियोजना समय से पहले क्यों बंद हो गई उसके लिए जिम्मेदार कौन है, कोविड कब बंद हुआ। दोषी कौन है
इस पर मंत्री राम विचार नेताम ने बताया कि चिराग परियोजना महत्वकांक्षी योजना थी छत्तीगसढ़ के हित में छोटे और सीमांत किसानों आय में वृद्धि करना छोटे बहुउद्देश्यीय योजना थी। पिछल सरकार के कार्यकाल में कुछ काम ही नहीं हुआ, जिसके चलते लगातार पिछड़ते गया कोई काम नहीं हुआ। हमारी सरकार बनने के बाद प्रगति लाए, तेजी से काम करना शुरू किया लेकिन पहले का प्रोग्रेस नहीं आने के कारण भारत सरकार की समीक्षा अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने के कारण नोटिस दे करके बंद कर दिया।
मंत्री ने कहा कि भर्ती समय पर किया जाना चाहिए था, विषय विशेषज्ञ से लेकर खंड स्तर तक ग्राम पंचायत स्तर तक की नियुक्ति करनी थी कुछ भर्ती हमारी सरकार बनने के बाद की गई। प्रथम चरण में 267 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। और 445 पदों का सृजन किया था।
मंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के बंद होने में वास्तव में किसका दोष है परीक्षण कराउंगा इसमें जवाब देही तय होने के लिए करने के लिए अनुशंसा की जाएगी।
प्रदेश में चिराग परियोजना 12 फरवरी 2021 से लागू की गई। परियोजना की स्वीकृत निर्धारित अवधि 12 फरवरी 2021 से 31 जुलाई 2026 तक कुल 05 वर्ष 05 माह 19 दिन थी।
भारत सरकार, आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय नई दिल्ली के पत्र 21 मार्च 2025 में दिए गए निर्देश अनुसार चिराग परियोजना अंतर्गत गतिविधियो का क्रियान्वयन 26 मार्च 2025 से बंद की गई है।
चिराग परियोजना में अपेक्षा अनुरूप प्रगति नहीं होने के कारण निर्धारित समयावधि के पूर्व बंद हुई है। चिराग परियोजना का वित्तीय पोषण विश्व बैंक, इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चर डेवलपमेंट और राज्य सरकार द्वारा किया गया।
चिराग परियोजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-2022 में राज्य सरकार ने 24 सितंबर 2021 को राशि 10.00 करोड़ और 16 दिसंबर 2021 को राशि 87.50 करोड़, इस प्रकार कुल राशि 97.50 करोड़ प्राप्त हुई, जिसमें राज्य शासन का शत प्रतिशत अंश रहा।
परियोजना अंतर्गत प्राप्त राशि के विरूद्ध परियोजना के गतिविधियों में व्यय राशि में से विश्व बैंक एवं इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चर डेवलपमेंट का निर्धारित 66 प्रतिशत अंश राज्य शासन के कोष में प्रतिपूर्ति कर दी गई है।
वित्तीय 2023-24 में कोविड-19 आर्थिक सुधार प्रतिक्रिया मद की परियोजना अंतर्गत प्रावधानित कुल राशि रू. 183.96 करोड़ के उपयोग की अनुमति कोविड लहर के समय प्राप्त नहीं हो पाने के कारण कोविड लहर समाप्ति पश्चात् संपूर्ण प्रावधानित राशि समर्पित की गई।