रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में आगामी 15 अप्रैल को राज्य मंत्रिपरिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। यह मीटिंग सुबह 11:30 बजे से महानदी भवन (मंत्रालय) के कैबिनेट हॉल में आयोजित की जाएगी।
नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिल रही बड़ी सफलताओं के बाद, यह पहली ऐसी बैठक है जहां सरकार का पूरा फोकस ‘शांति के बाद प्रगति’ (Peace and Progress) पर होगा।
बस्तर रोडमैप 2.0 पर लगेगी मुहर
राज्य सरकार अब बस्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए Bastar Roadmap 2.0 पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस रोडमैप का ब्लूप्रिंट (Blueprint) सौंपा था। इस बैठक में इस योजना को लेकर कुछ क्रांतिकारी फैसले लिए जा सकते हैं।
बैठक के मुख्य एजेंडे (Key Points):
कैबिनेट बैठक में निम्नलिखित विषयों पर चर्चा और अनुमोदन (Approval) होने की पूरी संभावना है:
- पुनर्वास नीति (Rehabilitation Policy): आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ितों के बेहतर जीवन और आजीविका के लिए नई घोषणाएं।
- औद्योगिक विकास (Industrial Growth): राज्य में निवेश प्रोत्साहन (Investment Promotion) के लिए नए प्रस्तावों को मंजूरी।
- कृषि और सिंचाई (Agro & Irrigation): बस्तर में एग्रो-फॉरेस्ट सेक्टर और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार।
- रोजगार सृजन (Employment Generation): स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नए अवसरों का निर्माण।
- पर्यटन (Tourism): बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की योजना।
बदल जाएगा बस्तर का स्वरूप
सरकार का मानना है कि बस्तर में शांति बहाली के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती वहां के जनजीवन को सशक्त (Empowerment) बनाना है। ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के जरिए सरकार वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी (Connectivity) को अगले स्तर पर ले जाना चाहती है।
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इस बैठक में विभिन्न विभागों के अटके हुए प्रस्तावों पर भी मुहर लगने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश में विकास की गति (Development Pace) और तेज होगी।

