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CSEB सेवानिवृत्‍त इंजीनियरों -अफसरों ने भी पावर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा: बोले- नहीं चलेगी दमन और डंडामार नीति

CSEB रायपुर। छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों और अभियंताओं के बाद सेवानिवृत्त अफसरों और इंजीनियरों ने भी पावर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सेवानिवृत्त पावर इंजीनियर- ऑफिर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कंपनी प्रबंधन की शिकायत की है। प्रबंधन पर बिजली जैसी अत्यावश्यक सेवा में श्रमिक अशांति पैदा करने का आरोप लगाया है।

महीनेभर बाद भी प्रबंधन ने नहीं दिया पत्र का उत्तर

सेवानिवृत्त पावर इंजीनियर- ऑफिर्स एसोसिएशन के महासचिव सुनील गणेश ओक की तरफ से मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया गया है कि एसोसिएशन की तरफ से 20 नवंबर को कंपनी प्रबंधन को एक पत्र भेजा गया था। इसमें  कंपनी प्रबंधन को बताया गया था कि मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 69 और विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 133 (2) के रहते है विद्युत कर्मियों की बिजली में मिल रही 50′ छूट बंद नहीं की जा सकती। महीनेभर बाद भी इस पर प्रबंधन की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है। 

एसोसिएशन ने मांगा पांच सवालों का जवाब

एसोसिएशन की तरफ से लिखे पत्र में मुख्यमंत्री को बताया गया है कि अभी तक करीब 11000 हजार नियमित विद्युत कर्मियों में से मात्र 1600 लोगों ने आपके घरों पर सोलर पैनल लगाने के लिए पंजीयन कराया है।

विद्युत कंपनी के पास निम्न बातों का कोई उत्तर नही है:-

(1) जो लोग फ्लैट में रहते है, वे क्या करें ?

(2) जो किरायों के मकान में रहते, वे क्या करें ?

(3) जो कवेलू वाले मकान में रहते हैं, वो क्या करें ?

(4) जो लोग विद्युत कंपनी द्वारा उपलब्ध आवास रहते है, वो क्या करें ?

(5) विद्युत कर्मियों के स्थानांतरण होते रहते है, वे क्या करें ?

दमननीति और डंडामार उपाय से नहीं हो सकता काम

ओक ने लिखा है कि एसोसिएशन की तरफ से आग्रह किया गया था कि विद्युत कर्मियों को विश्वास में लेवर यह रुफ टॉप सोलर को प्रभावी ढंग को लागू किया जा सकता है लेकिन दमननीति- डंडामार नीति विद्युत कर्मियों के विरूद्ध पूर्वाग्रही मानसिकता से ग्रस्त है इसके कारण नियम विरूद्ध आचरण हो रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार कर रही प्रोत्साहित

उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए एसोसिएशन ने बताया कि वहां सरकार  सोलर पैनल लगाने वाले लोगों को जल और मकान कर छूट देने प्रावधान किया है। इस तरह अपने कर्मियों को विद्युत कंपनी प्रोत्साहित कर सकती है।

पावर कंपनी मुख्यालय में ही सोलर प्लांट नहीं

एसोसिएशन ने कहा है कि छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग भवन में 80 किलोवॉट का सोलर पैनल वर्ष 2007-08 से लगा हुआ है।

इसी तरह लोक भवन (राजभवन) में सोलर पैनल 25-25 किलोवॉट के दो सोलर पैनल लगे हुए है तथा तीसरा 25 किलोवॉट का सोलर पैनल शीघ्र ही लगाने वाला है यहां ध्यान देने वाली बात है पॉवर कंपनी कार्यालय भवन, आवासगृह, सब स्टेशनों की छातों पर सोलर पैनल क्यों नही लगा जाए रहे है, समझ से परे है। विद्युत कर्मियो पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है, जिससे श्रमिक अशांति बढ़ रही है

सरकार दबाव नहीं बना रही तो कंपनी क्यों

एसोसिएशन ने सवाल किया है कि शासन ने आपने किसी भी अधिकारी / कर्मरियों पर सोलर पैलन लगाने के लिए दबाव नहीं डाला हैं, तो पावर कंपनी ऐसा क्यों कर रही है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से इस प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए विद्युत कर्मियों को पूर्वानुसार 50′ बिजली छूट की सुविधा बहाल करवाने की कृपा करें।

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