
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सरकारी बिजली वितरण कंपनी CSPDCL (Chhattisgarh State Power Distribution Company Limited) के एक रसूखदार कार्यपालन अभियंता (Executive Engineer) का ठेकेदार से खुलेआम पैसे लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल (Trending Video) हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद बिजली विभाग से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक हड़कंप मच गया है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह वीडियो सोशल मीडिया और विभागीय हलकों में तेजी से प्रसारित हो रहा है। चतुरपोस्ट.कॉम (chaturpost.com) इस वायरल वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
गुढ़ियारी प्रोजेक्ट ऑफिस का मामला: मुख्य अभियंता के बगल वाले केबिन में खेल
दावा किया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित CSPDCL मुख्य अभियंता प्रोजेक्ट कार्यालय (Chief Engineer Project Office) का है। वीडियो में दिख रहे अधिकारी के बारे में दावा है कि वे कोई मौर्या ( Maurya) साहब हैं, जो यहां कार्यपालन अभियंता के पद पर पदस्थ हैं।
बताया जा रहा है कि चीफ इंजीनियर प्रोजेक्ट के कार्यालय में एक मुरली र्मोर्या नाम के अफसर पदस्थ हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि साहब अपने केबिन में बैठकर, जो कि चीफ इंजीनियर के कमरे से बिल्कुल लगा हुआ है, वहां ‘खुला खेल फर्रुखाबादी’ चल रहा है।
⚡ वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है? (Inside Story)
- कमीशन का लेन-देन: दावा है कि वीडियो में दिख रहा शख्स बिलासपुर की एक बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी (Construction Company) का मालिक यानी ठेकेदार है। मुरली मौर्या उससे काम देने और पुराने बिल क्लियर करने के एवज में मोटी रकम ले रहे हैं।
- कर्मचारियों में भी बंटा हिस्सा: वीडियो में यह भी दिख रहा है कि ठेकेदार मुख्य अधिकारी को मोटी रकम देने के बाद, उसी ऑफिस में काम करने वाले दो प्लेसमेंट कर्मचारियों (Placement Staff) को भी पैसे निकालकर देता है।
- ऊपर तक हिस्सेदारी: इसके बाद रकम का एक और हिस्सा एक अन्य अधिकारी को ट्रांसफर किया जाता है। ठेकेदारों का दावा है कि भ्रष्टाचार का यह पैसा केवल एक जगह नहीं रुकता, बल्कि ‘ऊपर’ तक पहुंचाया जाता है।
इस CSPDCL Viral Video के सामने आने के बाद मीडिया के साथियों ने कार्यपालन अभियंता मुरली मौर्या से उनका पक्ष जानने के लिए लगातार संपर्क (Contact) करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। उनका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ (Switch Off) बता रहा है। इस मामले में इंजीनियर मौर्या या पावर कंपनी की तरफ से कोई पक्ष जारी किया जाता है तो chaturpost.com उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
“साहब लड़ेंगे चुनाव, मैं फंड इकट्ठा कर रहा हूँ” – चौंकाने वाला खुलासा
वीडियो वायरल होने के बाद विभाग के ठेकेदारों और सप्लायरों ने एक और सनसनीखेज दावा किया है। उनके मुताबिक, मुरली मौर्या अक्सर ठेकेदारों से कहते थे कि— “साहब चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। भाभी मैडम लगातार कोरबा के आसपास के क्षेत्र में सक्रिय हैं।”
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस वसूली के पीछे की इनसाइड स्टोरी (Inside Story) कुछ इस तरह चर्चा में है:
बड़े साहब का ‘वरदहस्त’: पखांजूर ट्रांसफर हुआ, पर रायपुर से नहीं हुए मुक्त
यह वीडियो विभाग में चर्चा का विषय इसलिए भी बना हुआ है क्योंकि मुरली मौर्या को कंपनी के एक ‘बड़े साहब’ का बेहद करीबी माना जाता है। बड़े साहब खुद लंबे समय तक इस कार्यालय में पदस्थ रहे हैं, जिसके कारण मौर्या की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं।
विभाग में यह चर्चा आम है कि सप्लायरों से मोटा कमीशन (Heavy Commission) लेकर घटिया सामान की खरीदी (Substandard Quality Procurement) की जाती है। अधिकारियों के बीच दबी जुबान में यह भी कहा जा रहा है कि:
“गर्मियों का मौसम (Summer Season) आते ही जो शहर में लोड बढ़ते ही बार-बार ट्रांसफार्मर जल जाते हैं, केबल उड़ जाती है या आग लग जाती है, वह इसी भ्रष्टाचार (Corruption) का नतीजा है।”
🚨 पुराने मामलों में भी रहे हैं दागी, फिर भी हौसले बुलंद
मुरली मौर्या का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी वे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिर चुके हैं:
- टेंडर में गड़बड़ी: कुछ समय पहले मेसर्स बजरंग इलेक्ट्रिकल के सबस्टेशन टेंडर (Substation Tender) में अनियमितता और गड़बड़ी के मामले में इन्हें दोषी पाया गया था।
- लूप लाइन की जगह मलाईदार पोस्टिंग: इस मामले में कार्रवाई करते हुए इन्हें पखांजूर ट्रांसफर (Transfer) किया गया था। वहीं, इसी प्रकरण में मुख्य अभियंता राजेंद्र प्रसाद को हटाकर लूप लाइन (Loop Line) डंगनिया भेजा गया था।
- कार्यमुक्त न होना: लेकिन रसूख का आलम देखिए, दोषी पाए जाने और ट्रांसफर आदेश होने के बावजूद यह ‘कमाऊ’ अधिकारी रायपुर से कार्यमुक्त (Relieve) नहीं हुआ और राजधानी में ही जमा रहा।
पिछले मामलों में आसानी से बच निकलने के कारण ही अधिकारी के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे बंद कमरों में नहीं, बल्कि अपने केबिन में सरेआम ‘हरे नोट’ गिन रहे हैं। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलने के बाद भी खबर लिखे जाने तक विभाग द्वारा मौर्या के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई (Action) नहीं की गई है।
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पाठक और प्रदेश की जनता अब यह सवाल उठा रही है कि क्या बिजली विभाग के उच्च अधिकारी इस खुले भ्रष्टाचार पर कोई कड़ा एक्शन (Strict Action) लेंगे, या रसूख के आगे फाइलों को दबा दिया जाएगा? चतुरपोस्ट.कॉम इस मामले की हर अपडेट आप तक लगातार पहुंचाता रहेगा।







