
बेमेतरा/रायपुर (चतुरपोस्ट डेस्क)। छत्तीसगढ़ की राजनीति से आज एक ऐसी अनोखी तस्वीर (Unique Picture) सामने आई है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक सिर्फ एक ही वीडियो तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री (Deputy CM) अरुण साव खुद बैलगाड़ी हांक रहे हैं और उनके पीछे दूल्हा बने बैठे हैं बेमेतरा के भाजपा विधायक दीपेश साहू!
यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (CM Kanya Vivah Yojana) के मंच पर दिखी हकीकत है। एक सिटिंग एमएलए (Sitting MLA) ने फिजूलखर्ची और वीआईपी कल्चर को लात मारकर एक गरीब (BPL) परिवार की बेटी से सामूहिक विवाह में शादी रचाकर इतिहास रच दिया है।
VIP कल्चर को दिया झटका, ई-रिक्शा और बैलगाड़ी से पहुंचे सर्किट हाउस
इस शादी की शुरुआत जितनी पारंपरिक थी, उतनी ही रोमांचक (Exciting) भी थी। बेमेतरा में रविवार को आयोजित सामूहिक मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में एक अलग ही नजारा देखने को मिला।
- ई-रिक्शा से सफर (E-Rickshaw Ride): शादी के बंधन में बंधने जा रहे विधायक दीपेश साहू समेत सभी दूल्हे सबसे पहले ई-रिक्शा में सवार होकर सर्किट हाउस पहुंचे।
- पारंपरिक बारात (Traditional Procession): सर्किट हाउस से मुख्य आयोजन स्थल तक की दूरी तय करने के लिए चमचमाती लग्जरी गाड़ियों की जगह बैलगाड़ी (Bullock Cart) को चुना गया।
- परी डांस का तड़का (Traditional Pari Dance): छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक नृत्य ‘परी डांस’ की थाप पर पूरी बारात झूमती नजर आई।
जब Deputy CM Arun Sao खुद बने ‘सारथी‘ (The Royal Charioteer)
इस भव्य और सादगी से भरे आयोजन की सबसे बड़ी मुख्य विशेषता (Highlight) तब देखने को मिली जब सूबे के उपमुख्यमंत्री अरुण साव राजधानी रायपुर से विशेष रूप से बेमेतरा पहुंचे। डिप्टी सीएम अरुण साव (Deputy CM Arun Sao) ने न केवल इस विवाह में शिरकत की, बल्कि उन्होंने खुद बैलगाड़ी की कमान संभाल ली।
“जब एक जनप्रतिनिधि खुद को जनता के बराबर खड़ा करता है, तो लोकतंत्र की खूबसूरती और बढ़ जाती है। दीपेश साहू का यह कदम समाज को नई दिशा देगा।”
— अरुण साव, उप मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
बैलगाड़ी पर आगे हाथ में चाबुक थामे बैठे डिप्टी सीएम और पीछे बैठे दूल्हे राजा विधायक दीपेश साहू को जिसने भी देखा, वह देखता ही रह गया। इस अद्भुत नजारे (Amazing Sight) को लोग अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने के लिए बेताब दिखे।
शिक्षक से राजनीति में आए दीपेश साहू का बड़ा दिल: सरकारी राशि भी करेंगे दान
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पहली बार विधायक निर्वाचित हुए दीपेश साहू राजनीति में आने से पहले शिक्षा के क्षेत्र (Education Sector) से जुड़े थे। वह एक सरकारी शिक्षक (Government Teacher) रह चुके हैं, शायद यही वजह है कि उन्हें जमीन से जुड़े मुद्दों और शिक्षा की अहमियत का बखूबी अंदाजा है।
BPL परिवार की तरुणा साहू के साथ लिए सात फेरे (Social Equality)
इस सामूहिक विवाह सम्मेलन (Mass Wedding Ceremony) में करीब दो दर्जन (24 जोड़े) जोड़ों का निकाह और विवाह संपन्न हुआ। विधायक दीपेश साहू ने आर्थिक रूप से कमजोर यानी बीपीएल परिवार (BPL Family) की बेटी तरुणा साहू के साथ पूरी सादगी से सात फेरे लिए।
इस विवाह के पीछे विधायक का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव (Positive Change) लाना है। आज के दौर में शादियों में होने वाले भारी-भरकम खर्च (Extravagant Expenditure) के कारण कई गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं। दीपेश साहू ने खुद अपनी शादी से उदाहरण पेश कर सामाजिक समरसता (Social Harmony) और फिजूलखर्ची रोकने का एक बड़ा संदेश (Social Message) दिया है।
क्या है मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना? (Government Scheme Overview)
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आइए इसके मुख्य बिंदुओं पर एक नजर डालते हैं:
जनता और समर्थकों में भारी उत्साह, क्षेत्र में हो रही सराहना
पहली बार के विधायक दीपेश साहू के इस साहसिक और जमीन से जुड़े फैसले की चारों तरफ तारीफ (Appreciation) हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘सच्चा जनसेवक‘ (True Public Servant) का रूप बता रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि जहां आज के नेता अपनी शादियों में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा देते हैं, वहीं उनके विधायक ने एक मिसाल कायम की है।
इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री सहित राज्य के कई बड़े जनप्रतिनिधियों (Political Leaders) और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शिरकत की और नवदंपति को सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।
चतुर विचार
संपादकीय टिप्पणी: राजनीति में जब कथनी और करनी एक हो जाती है, तो जनता का विश्वास लोकतंत्र पर और मजबूत हो जाता है। विधायक दीपेश साहू का यह कदम और डिप्टी सीएम अरुण साव (Deputy CM Arun Sao) का बैलगाड़ी चलाना, केवल एक पब्लिसिटी स्टंट नहीं बल्कि वीआईपी कल्चर के मुंह पर एक करारा तमाचा है। छत्तीसगढ़ की माटी की यह सादगी वाकई देश के अन्य नेताओं के लिए भी एक मार्गदर्शिका है।
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