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Electricity tariff बिजली की नई दरों पर जनसुनवाई शुरू: आज कृषि, घरेलू उपभोक्‍ताओं की सुनवाई, कल होगी…

Electricity tariff बिजली की नई दरों पर जनसुनवाई शुरू: आज कृषि, घरेलू उपभोक्‍ताओं की सुनवाई, कल होगी...

Electricity tariff  रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में वित्‍तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिजली की नई दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिजली कंपनियों के प्रस्‍तावों पर बेहद शार्ट नोटिस पर गुरुवार से जन सुनवाई शुरू हो गई है। पहले दिन 19 जून को कृषि, घरेलू और गैर घरेलू उपभोक्‍ताओं की सुनवाई हो रही है।

शुक्रवार को होगी उच्‍च दाब उपभोक्‍ताओं की सुनवाई

टैरिफ प्रस्‍तावों पर शुक्रवार को स्‍थानीय निकायों, नगर निगम, ट्रेड यूनियन के साथ निम्‍न और उच्‍च दाब उपभोक्‍ता अपना पक्ष रख सकते हैं।

Electricity tariff  सदस्‍यों की नियुक्ति के तीसरे दिन जन सुनवाई शुरू

बता दें कि छत्‍तीसगढ़ राज्‍य विद्युत नियामक आयोग में सदस्‍यों के दो पद हैं, दोनों पद लंबे समय से खाली थे, इसकी वजह से बिजली कंपनियों की तरफ से प्राप्‍त प्रस्‍तावों पर सुनवाई नहीं हो पा रही थी। दो दिन पहले मंगलवार को राज्‍य सरकार ने सदस्‍य के दोनों पदों पर नियुक्ति का आदेश जारी किया है।

बिजली कंपनियों ने दिसंबर में ही दे दिया था प्रस्‍ताव

राज्‍य की तीनों बिजली कंपनियों CSPGCL, CSPTCL और CSPDCL के साथ लोड डिस्‍पेच सेंटर  CSLDC ने वित्‍तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपना प्रस्‍ताव आयोग को दिसंबर 2024 में ही दे दिया था। बिजली कंपनियों के इन प्रस्‍तावों के प्रकाशन के साथ ही दावा अपत्ति की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई थी। केवल जन सुनवाई रह गया था।

Electricity tariff  जुलाई से नई दरें

बिजली कंपनी के अफसरों के अनुसार बिजली की नई दरें एक अप्रैल 2025 से लागू होनी थी, लेकिन आयोग में प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होने के कारण नई दरें लागू नहीं हो पाई। अब जन सुनवाई के साथ ही टैरिफ जल्‍द ही फाइनल हो जाने की उम्‍मीद की जा रही है। बिजली की नई दरें एक जुलाई से लागू हो सकती है।

महंगी हो सकती है बिजली

बिजली कपंनियों की तरफ से दिए गए प्रस्‍तावों को आयोग यदि पूरी तरह स्‍वीकार कर लेता है तो छत्‍तीसगढ़ में बिजली महंगी हो सकती है। राज्‍य की बिजली वितरण कंपनी ने मौजूदा दरों पर 2025-26 में 3626 करोड़ रुपए का मुनाफा होने की जानकारी दी है, इसके साथ ही कंपनी ने अपने पुराने घाटे की पूर्ति के लिए अतिरिक्‍त 45 करोड़ रुपए की मांग है। बिजली कंपनियों की तरफ से प्राप्‍त प्रस्‍तावों का डिटेल जानने के लिए  यहां  क्लिक करें   

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