
Gate Meeting रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी विद्युत कंपनी के कर्मचारियों ने गुरुवार को कंपनी मुख्यालय के गेट के सामने जंगी प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में पत्रोपाधि अभियंता संघ समेत पांच से ज्यादा संगठन शामिल हुए। कर्मचारी संगठनों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।

22 सूत्रीय मांगों को लेकर महासंघ का चरणबद्ध आंदोलन
22 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ की तरफ से चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। महासंघ की मांगों में पुरानी पेंशन योजना लागू करने और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण भी शामिल है।

इन मांगों को लेकर कर्मचारियों ने डंगनिया स्थित पावर कंपनी मुख्यालय के गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। आश्वासन के बाद भी मांगें पूरी करने में कंपनी प्रबंधन की उदासीनता से नाराज कर्मचारियों ने अब अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।

Gate Meeting कर्मचारी नेताओं ने किया संबोधित
प्रबंधन की वादाखिलाफी के खिलाफ नियमित के साथ ही संविदा कर्मियों ने भी जमकर नारेबाजी की। महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित प्रदर्शन और आमसभा को अभा मंत्री एवं उद्योग प्रभारी भामसं राधेश्याम जायसवाल, अभा बिजली कर्मचारी संघ के उपमहामंत्री हरीश चौहान, पेंशनर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री अरूण देवांगन, पत्रोपाधि अभियंता संघ के

अध्यक्ष बी.बी. जायसवाल, संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री कमलेश भारद्वाज एवं तकनीकी कर्मचारी एकता संघ के महामंत्री श्रीकांत सिंह ने संबोधित किया।

Gate Meeting प्रबंधन पर झूठा आश्वासन देने का आरोप
प्रांतीय अध्यक्ष श्री तिवारी ने कहा कि कंपनी प्रबंधन हमेशा झूठे आश्वासन देकर कर्मचारियों की जायज मांगों को अनदेखा कर रहा है। जब तक पुरानी पेंशन बहाली, संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, कनिष्ठ यंत्री से सहायक यंत्री की पदोन्नति में आरक्षण को पूर्व के समान नहीं करने समेत कर्मचारियों की अन्य मांगें नहीं मानी जाती, तब तक महासंघ के आह्वान पर क्रमिक अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। आभार प्रदर्शन प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजप्रताप सिन्हा ने किया।

कर्मचारियों के आंदोलन को संविदा कर्मचारी संघ, पत्रोपाधि अभियंता संघ, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ, कार्यालयीन कर्मचारी संघ बस्तर आदि ने समर्थन दिया है। कर्मचारियों द्वारा मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। प्रदर्शन, आमसभा के पहले 1 से 8 अक्टूबर तक बिजली कर्मियों ने काली पट्टी लगाकर काम कर विरोध दर्ज किया।




