
रायपुर/धमतरी: छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। धमतरी जिले ने केंद्र सरकार की ‘विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना’ (World’s Largest Grain Storage Plan) को लागू करने में पूरे प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है। धमतरी न केवल आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में आगे है, बल्कि पूरे राज्य में होने वाली कुल चना खरीदी (Gram Procurement) का अकेले 50 प्रतिशत हिस्सा दर्ज कर एक नया कीर्तिमान (Record) स्थापित किया है।
4 समितियों में बनेंगे 2500 मीट्रिक टन के ‘महा-गोदाम’
भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल (Ambitious Initiative) के तहत सहकारी क्षेत्र को मजबूत किया जा रहा है। NCCF रायपुर ने धमतरी की चार प्रमुख प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) को ‘गोदाम हायरिंग एश्योरेंस लेटर’ जारी कर दिए हैं।
इन समितियों में अत्याधुनिक भंडारण (Modern Storage) की व्यवस्था होगी:
- अंवरी
- कोसमर्रा
- पोटियाडीह (अमदी)
- कोलियारी
इन चारों केंद्रों पर 2500 मीट्रिक टन क्षमता वाले विशाल गोदामों का निर्माण किया जाएगा। इन गोदामों को विशेष रूप से चने के वैज्ञानिक भंडारण (Scientific Storage) के लिए डिजाइन किया जा रहा है, ताकि उपज की गुणवत्ता लंबे समय तक खराब न हो।
चना खरीदी में धमतरी का ‘दबदबा’ (Dominance)
धमतरी जिले ने अपनी कृषि क्षमता और प्रशासनिक मुस्तैदी (Administrative Efficiency) का लोहा मनवाते हुए चना खरीदी में प्रदेश के अन्य सभी जिलों को पछाड़ दिया है। आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 97 हजार क्विंटल चने की खरीदी हो चुकी है। प्रशासन ने 1 लाख क्विंटल का लक्ष्य (Target) रखा था, जिसे बहुत जल्द पार कर लिया जाएगा। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे छत्तीसगढ़ में जितनी भी चना खरीदी हुई है, उसका आधा हिस्सा अकेले धमतरी जिले का है।
अधिकारियों की सक्रियता और आगामी रणनीति
योजना को धरातल पर उतारने के लिए एग्रीमेंट (Agreement) और एमओयू (MoU) की कागजी कार्यवाही तेजी से पूरी की जा रही है। तकनीकी बाधाओं (Technical Issues) को दूर करने के लिए NCCF नई दिल्ली के मुख्यालय के साथ आरसीएस (RCS) अधिकारियों और पैक्स प्रबंधकों की एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing) भी आयोजित की जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि किसानों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल (Coordination) ही इस सफलता की असली चाबी है। इससे न केवल अनाज की बर्बादी (Grain Wastage) रुकेगी, बल्कि बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम (Right Price) मिल सकेगा।
क्या है ‘विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना’?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 31 मई 2023 को इस योजना का शुभारंभ किया गया था। इसका मूल उद्देश्य गांवों के स्तर पर ही PACS (Primary Agricultural Credit Societies) के माध्यम से निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान करना है:
- प्रोसेसिंग यूनिट: अनाज की ग्रेडिंग और सफाई के लिए।
- कस्टम हायरिंग सेंटर: किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण किराए पर देने के लिए।
- कोल्ड स्टोरेज: फल और सब्जियों को सुरक्षित रखने के लिए।
- परिवहन बचत: गांव में गोदाम होने से ट्रांसपोर्टेशन (Transportation) का खर्च कम होगा।
निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ के लिए ‘रोल मॉडल’
धमतरी की यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ (Self-reliant Chhattisgarh) की दिशा में एक बड़ा कदम है। जिले ने यह साबित कर दिया है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन (Execution) हो, तो स्थानीय स्तर पर किसानों की तकदीर बदली जा सकती है। अब अन्य जिलों के लिए भी धमतरी एक प्रेरणा (Inspiration) बन गया है।







