व्यापार

Share Market Crash: शेयर बाजार में हाहाकार! औंधे मुंह गिरे Indian Markets; इन 3 बड़े झटकों से सहमे निवेशक, तुरंत बदलें अपनी स्ट्रैटेजी

बिजनेस डेस्क (chaturpost.com)। भारतीय शेयर बाजार (Indian Markets) के निवेशकों के लिए सोमवार की सुबह बेहद निराशाजनक और झटकों वाली साबित होने वाली है। अंतरराष्‍ट्रीय बाजारों से मिल रहे बेहद खराब और नकारात्मक संकेतों (Negative Global Cues) के कारण आज घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ होने की पूरी आशंका जताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही उथल-पुथल (External Shocks) ने घरेलू निवेशकों के सेंटिमेंट्स को बुरी तरह से प्रभावित (Sour Investor Sentiments) कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, दलाल स्ट्रीट पर आज बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिल सकता है।


रुपये पर बढ़ा दबाव, रिकॉर्ड निचले स्तर का खतरा

ग्लोबल मार्केट में अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय रुपये (Indian Rupee) पर भी दबाव साफ देखा जा रहा है। आज सुबह के शुरुआती कारोबार में डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) में अचानक आई तेजी ने भारतीय मुद्रा की स्थिति को नाजुक बना दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते रुपया आज पूरे कारोबारी सत्र के दौरान दबाव में (Remain Under Pressure) रहेगा। इसके कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय बाजारों से पैसा निकालने की रफ्तार और तेज हो सकती है।


ट्रम्प की चेतावनी से कच्चे तेल में लगी आग (Crude Oil Surge)

बाजार में आई इस अचानक गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) का दोबारा गहराना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान (Tehran) को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि वाशिंगटन के साथ परमाणु समझौते पर पहुंचने के लिए उनके पास समय खत्म होता जा रहा है।

  • क्रूड ऑयल में उछाल: इस बयान के तुरंत बाद सोमवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतें 2% से अधिक उछल गईं।
  • वार्ता में गतिरोध: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी अधर में लटकी हुई है, क्योंकि अमेरिका इस बातचीत के दौरान कोई भी ठोस रियायत (Tangible Concessions) देने को तैयार नहीं दिख रहा है।
  • भारत पर असर: भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल का महंगा होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है।

अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मंदी का माहौल (Global Markets Rout)

पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिनों में अमेरिकी बाजारों (US Markets) में जबरदस्त उतार-चढ़ाव (Strong Volatility) देखा गया था। अधिकांश प्रमुख सूचकांक लाल निशान में (Ended in the Red) बंद हुए थे। जहां S&P 500 मामूली बढ़त बनाने में कामयाब रहा, वहीं नैस्डैक (NASDAQ) और डॉव जोन्स (Dow Jones) को लगभग 0.4% का नुकसान उठाना पड़ा था। अमेरिकी निवेशकों की नजरें अब इस सप्ताह आने वाले टेक दिग्गज एनवीडिया के नतीजों (NVIDIA’s Earnings) पर टिकी हैं।

इसी तर्ज पर, आज सुबह एशियाई बाजारों (Asian Markets) की शुरुआत भी बेहद निराशाजनक रही। बढ़ते क्रूड ऑयल और नए सिरे से उपजे तनाव के कारण चारों तरफ बिकवाली का माहौल है:

ग्लोबल मार्केट का हाल (Market Status):

  • जापान का निक्केई (Nikkei): शुरुआती कारोबार में ही लगभग 1000 अंकों की भारी गिरावट के साथ क्रैश हो गया।
  • हांगकांग का हैंगसेंग (HANG SENG): बाजार खुलते ही 1% तक टूट गया।
  • कोरिया का कोस्पी (KOSPI): मामूली 0.3% की गिरावट के साथ फ्लैट कारोबार करता नजर आया।

निफ्टी का टेक्निकल चार्ट क्या संकेत दे रहा है? (Nifty Technical View)

तकनीकी विश्लेषकों (Technical Analysts) के अनुसार, भारतीय सूचकांक वर्तमान में भारी उतार-चढ़ाव के बीच 23,300 से 23,800 के एक बड़े दायरे (Broad Range) में फंसा हुआ नजर आ रहा है। बाजार ने पिछले दिनों 23,800 के स्तर के पास अपनी बढ़त खो दी थी, जो अब बाजार के लिए एक मजबूत रेजिस्टेंस जोन (Key Resistance Zone) बन चुका है।

दूसरी ओर, नीचे की तरफ 23,200 से 23,300 का स्तर एक बेहद महत्वपूर्ण और मजबूत सपोर्ट लेवल (Crucial Support Level) बना हुआ है। आने वाले समय में (Near Term) बाजार की दिशा इस बात से तय होगी कि सूचकांक इन स्तरों को ऊपर की ओर तोड़ता है (Breakout) या नीचे की ओर ब्रेकडाउन (Breakdown) करता है।


ऑप्शंस डेटा ने बढ़ाई चिंता: कल की एक्सपायरी पर टिकी नजरें

कल होने वाली ऑप्शंस एक्सपायरी (Tomorrow’s Expiry) के आंकड़े भी बुल्स यानी तेजी करने वालों के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं। ऑप्शंस डेटा (Options Data) के विश्लेषण से पता चलता है कि बाजार में इस समय मंदी के दांव ज्यादा खेले जा रहे हैं।

महत्वपूर्ण मार्केट लेवल्स (Key Levels Table):

कॉल/पुट स्ट्राइक (Option Strike)ओपन इंटरेस्ट की स्थिति (OI Action)बाजार के लिए मायने (Market Impact)
23,700, 23,800 & 24,000 Callsभारी मात्रा में ओपन इंटरेस्ट जुड़ा (OI Addition)23,700 के ऊपर बहुत मजबूत रेजिस्टेंस जोन है, जिसे पार करना मुश्किल होगा।
23,400 Putsओपन इंटरेस्ट में भारी कमी देखी गई (OI Contraction)23,400 का सपोर्ट कमजोर हुआ है, जिससे नीचे की तरफ बड़ी गिरावट का रास्ता खुल गया है।

इस डेटा से साफ संकेत मिलता है कि कल की एक्सपायरी तक यदि बाजार 23,400 के स्तर के नीचे फिसलता है, तो गिरावट काफी गहरी हो सकती है और पैनिक सेलिंग (Panic Selling) की स्थिति बन सकती है।


रिटेल निवेशकों के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह (Strategy for Traders)

बाजार की इस अत्यधिक अस्थिरता (High Volatility) को देखते हुए रिटेल निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। इस समय किसी भी तरह की जल्दबाजी में बड़ी खरीदारी (Aggressive Buying) करने से बचना चाहिए। निवेशकों को चाहिए कि वे बाजार को पहले एक दिशा तय करने दें और मजबूत सपोर्ट लेवल्स पर ही खरीदारी करने का विचार करें। स्टॉप लॉस (Stop Loss) का सख्ती से पालन करना इस समय आपकी पूंजी को सुरक्षित रखने का एकमात्र जरिया है।

Also read Income Tax विभाग ने जारी किए सभी ITR Forms; गलत फॉर्म चुना तो आएगा सीधे नोटिस, देखें पूरी पूरी गाइड


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्यों (Educational Purposes) के लिए है। ऊपर दिए गए विचार या सुझाव विभिन्न मार्केट विश्लेषकों और ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, चतुरपोस्ट (chaturpost.com) इसकी पुष्टि नहीं करता है। बाजार में कोई भी निवेश करने या ट्रेडिंग का निर्णय लेने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार या सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
Back to top button