
Ishwar Sahu रायपुर। छत्तीसगढ़ के साजा विधायक ईश्वर साहू एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार स्वेच्छानुदान की राशि को लेकर कांग्रेस ने उन पर निशाना साधा है। विधायक साहू के PSO व अन्य स्टाफ पर स्वेच्छानुदान की राशि रिश्तेदारों और दोस्तों को बांटने का आरोप लगा है। कांग्रेस ने एक सूची जारी की है और कहा है कि राशि प्राप्त करने वालों में विधायक के भी रिश्तेदारों का नाम है। वहीं, विधायक साहू ने इन आरोपों को बदनाम करने की साजिश बताया है।
कांग्रेस ने वायरल की सूची
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया एकाउंट X से एक सूची जारी की है। कांग्रेस ने सूची Post तंग कसा है, लिखा है कि भाई का, चाचा का, मामा का.. सबका पैसा ले रहा ईश्वर साहू! चिलम तम्बाकू का डब्बा खोजने में व्यस्त विधायक ईश्वर साहू और उनके सुरक्षा में तैनात PSO ओम साहू का यह कारनामा देखिए शासन के स्वेच्छा अनुदान राशि को अपने ही परिवार में बांटकर खा गए।
निजी स्टाफ पर बंदरबांट का आरोप
कांग्रेस की तरफ से जारी सूची में स्वेच्छा अनुदान की राशि प्राप्त करने वाले लोगों के नाम के साथ रिश्ता भी बताया गया है। आरोप है कि विधायक की सुरक्षा से लेकर निजी काम-काज देखने वाले पीएसओ, पीए और ऑपरेटर ने मिलकर स्वच्छेदानुदान की राशि का बंदरबांट किया है।
Ishwar Sahu सूची में शामिल सभी रिश्तेदार
कांग्रेस के नेताओं ने बताया कि सूची में शामिल जो हितग्राही हैं, उनमें से अधिकतर पीएसओ ओम साहू, पीए दिग्विजय केशरी, अनुज वर्मा और ऑपरेटर धीरज पटेल के रिश्तेदार हैं। यहीं नहीं कुछ नाम विधायक ईश्वर साहू के अपने रिश्तेदारों के भी हैं।
जो भी जरुरतमंद आता है उसकी मदद करता हूं
स्वेच्छा अनुदान राशि की बंदरबांट के लग रहे आरोपों पर विधायक हैसाहू ने कहा कि जो भी जरुरतमंद आता है मैं उसकी मदद करता हूं मैं यह नहीं देखता हूं कि वह किस जात का है, कांग्रेसी है या भाजपाई है। मैं सबकी मदद करता हूं। हैसाहू ने कहा कि दरअसल मेरे जैसा गरीब आदमी विधायक बन गया है, यह बात कांग्रेस हजम नहीं कर पा रही है, इसलिए बार-बार मुझे बदनाम करने का प्रयास करते हैं।
Ishwar Sahu कांग्रेस के बड़े नेता को हरा कर पहुंचे विधानसभा
ईश्वर साहू पहली बार के विधायक हैं। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता और तत्कालीन कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे को हराया था।




