IVF रायपुर। नि:संतान दंपत्तियों के लिए अच्छी खबर है। अब In vitro fertilization (IVF) तकनीक से संतान प्राप्ति के लिए उन्हें प्राइवेट अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और न ही जेब ढीली करनी पड़ेगा। छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पताल में यह सुविधा शुरू की जा रही है। जहां यह सुविधा फ्री में मिलेगी।
आईवीएफ की सुविधा राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहर लाल नेहरु स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय शुरू की जा रही है। यह जानकारी शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दी।
स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य पर्यवेक्षक मंडल की बैठक हुई। इस बैठक में पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 PC-PNDT Act, 1994 और एआरटी-सरोगेसी एक्ट 2021 ART and Surrogacy Act, 2021 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
State Supervisory Board बैठक में विधायक लता उसेंडी, रायमुनी भगत और गोमती साय के साथ स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त रितेश अग्रवाल और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
महामारी नियंत्रक डॉ. सुरेन्द्र पामभोई ने दोनों अधिनियमों के प्रावधानों की जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पीसीपीएनडीटी PCPNDT और ART एक्ट का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
Health Minister ने प्रदेश में सोनोग्राफी Sonography सेवाओं की कमी को देखते हुए MBBS चिकित्सकों के लिए छह माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिक से अधिक प्रतिभागियों Participants को शामिल करने के निर्देश भी दिए, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी Sonography सुविधा उपलब्ध हो सके।
बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश में संचालित आईवीएफ और सरोगेसी केंद्रों Surrogacy centers की नियमित निगरानी और निरीक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि संबंधित हितग्राहियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।