
Jail रायपुर। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा के बंगले पर काम करने गया रायपुर सेंट्रल जेल का एक बंदी फरार हो गया। यह घटना 21 अगस्त की है। अब इस मामले को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया में पोस्ट करके इस पर सवाल खड़ा किया है। इस पर भाजपा की तरफ से पार्टी प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने पलटवार किया है।
दीपक बोले- जेल से आपका सतत नाता
भाजपा प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने अपने पोस्ट में लिखा है कि माननीय बघेल जी, आप पूर्व में मुख्यमंत्री रहे हैं । और जेल से आपका सतत नाता रहा है । आपके कई अधिकारी, मित्र, रिश्तेदार या तो जेल में बंद थे, या फिर अभी भी हैं । इसलिए जेल से जुड़े विषयों पर आपकी रुचि समझ आती है ।
जेल मैन्युअल की दी जानकारी
उज्जवल दीपक ने कहा कि फिर भी, कुछ तथ्यों से आपको अवगत कराना चाहता हूं । जेल मैन्युअल के नियम 654 के प्रावधानों के अनुसार जेल परिसर में एवं जेल की दीवार के बाहर बंदियों का नियोजन किया जाता है। इसके लिए माननीय न्यायालय की अनुमति नही ली जाती।
कांग्रेस शासन में 11 महीने में 14 हजार बंदियों से बाहर काम कराया गया
उज्जवल दीपक ने लिखा है कि बघेल जी, आपके कार्यकाल 1 जनवरी 2023 से 30 नवंबर 2023 तक की 11 माह की अवधि में 14 हजार 382 बार बंदियों को रायपुर सेंट्रल जेल की दीवार के बाहर श्रम कार्य के लिए निकाला गया था इसलिए आप बकवास कर जनता को भ्रमित करने का फालतू कार्य छोड़े ।
Jail सभी जेलों में है यह व्यवस्था
देश की सभी जेलों में श्रम कार्य के लिए कैदियों को जेल अधीक्षक की अनुमति से बाहर निकाला जाता है। रायपुर केंद्रीय जेल परिसर मे स्थित लोकेशन मे क्वार्टर के पास के स्थित पीछे के क्षतिग्रस्त गेट को को वेल्डिंग के लिए उस काम में निपुण कैदी को भेजा गया था।
दो लोगों को किया गया है निलंबित
उज्जवल दीपक ने बताया है कि श्रम कार्य के दौरान बंदी चन्द्रवीर फरार हुआ जिसके विरूद्ध 21 अगस्त 25 को दर्ज की गई है। इस घटना की जानकारी भी 22 अगस्त के अखबार में प्रकाशित कराई गई। ऐसे में यह कहना कि प्रकरण को छुपाया जा रहा था पूर्णतः अनुचित है। घटना के संबंध में लोहार प्रशिक्षक बिसुन देव ठाकुर और जेल प्रहरी मनीष राजवाड़े को तत्काल प्रभाव से 21 अगस्त को निलंबित किया गया है। विभागीय जांच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
जेल के अंदर से चलती थी सरकार
आपके कांग्रेस शासनकाल मे जेल के भीतर से ही सूर्यकांत तिवारी,सौम्या चौरसिया,अनवर ढेबर लोग सरकार चला रहे थे यह भाजपा शासनकाल में संभव नही है इसलिए ये नौटंकी रची जा रही है। सनद रहे यह विष्णुदेव जी का सुशासन है यहाँ लोगों की नापाक हसरते पूरी नही कि जाती इसलिए कहा गया है “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे”
Jail कैदी फरार विजय शर्मा खामोश
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि कैदी फरार, विजय शर्मा खामोश! जवाब तो देना होगा! आप सब जानते हैं कि प्रदेश में जो भी मुख्यमंत्री होता है, उनसे मिलने आने वालों के लिए एक सदन बनता है। पूर्व में मरवाही सदन, राजनांदगांव सदन, पाटन सदन और वर्तमान में कुनकुरी सदन इसके उदाहरण हैं। प्रदेश में ऐसा पहली बार देखा जा रहा है कि एक मंत्री ने भी अपनी विधानसभा के लिए एक सदन बनाया है।
कवर्धा सदन बनाए जाने पर सवाल
बघेल ने लिखा है कि प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा सदन का निर्माण कराया है। इसके निर्माण कार्य में जेल के कैदियों से मजदूरी कराई गई है। इस दौरान उम्रक़ैद की सजा काट रहा एक कैदी फरार भी हो गया है। ऐसे में विजय शर्मा को “आपराधिक चुप्पी” तोड़ते हुए जवाब देना चाहिए।
Jail पूर्व सीएम के सवाल
1. विगत 21 अगस्त को फरार हुए कैदी को जेल से बाहर लाने के लिए क्या न्यायालय ने अनुमति दी थी?
2. कैदी के फरार होने का जिम्मेदार कौन है? जिम्मेदार व्यक्ति/व्यक्तियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
3. कवर्धा सदन को किसके द्वारा बनवाया जा रहा है? इसका खर्चा कौन सा विभाग/ व्यक्ति उठा रहा है?
बघेल ने मुख्यमंत्री से पूछा
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी इस मामले में सवाल पूछा है
1. क्या राजधानी में ‘सदन’ बनाने की अनुमति सभी मंत्रियों की दी गई है? यदि हां, तो इसके लिए क्या नियम बनाया गया है?
2. फरार हुए क़ैदी की घटना पर आपने अब तक क्या संज्ञान लिया?
3. क्या आप इस प्रकरण की न्यायिक जांच कराएंगे? क्योंकि जेल मंत्री तो अपने ही विभाग की जांच निष्पक्षता से नहीं करेंगे शासन, प्रशासन यह समझ ले कि इस मामले पर जवाब तो देना होगा।







