Karmchari रायपुर। छत्तीसगढ़ के कर्मचारी अधिकारी संगठनों के सबसे बड़े संयुक्त संगठन कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन फिर एक बार अपनी ताकत साबित करने में सफल रहा है। 29 से 31 दिसंबर तक फेडरेशन के आह्वान पर हुए प्रदेशव्यापी हड़ताल के दौरान निलंबित किए गए फेडरेशन के सभी पदाधिकारियों का निलंबन आदेश निरस्त कर दिया गया है।
आंदोलन के दौरान फेडरेशन के मनेंद्रगढ़- चिरमिरी- भरतपुर जिला संयोजक गोपाल सिंह समेत कुछ और सदस्यों को कलेक्टर ने निलंबित कर दिया था। इस एकतरफा और नियम विरुद्ध कार्यवाही पर फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए मुख्य सचिव विकासशील को पत्र लिखा था। इसमें प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने नियम विरुद्ध की गई इस कार्यवाही को खत्म नहीं करने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी थी।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के अनुरोध पर मुख्य सचिव के स्पष्ट निर्देशों के बाद मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के जिला संयोजक गोपाल सिंह सहित अन्य साथियों का निलंबन आयुक्त, सरगुजा संभाग देर रात निरस्त कर दिया है।
कलेक्टर ने गोपाल सिंह के साथ ही संजय पांडेय और सुरेंद्र प्रसाद को निलंबित कर दिया था। आरोप है कि तीनों पदाधिकारी आंदोलन के समर्थन में कार्यालयों में संपर्क कर रहे थे, उसी दौरान कलेक्टर ने उन्हें निलंबित कर दिया। तीनों को बंधक बनाने का भी आरोप है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी / अधिकारी फेडरेश एम.सी.बी. का जिला संयोजक है, और तीन दिवसी आंदोलन के दूसरे दिन दिनांक 30 दिसंबर को हड़ताल के समर्थन में कर्मचारियों के सहयोग के लिए कलेक्टर कार्यालय मनेन्द्रगढ़ गए थे और बिना किसी जोर-जबरदस्ती के सविनय निवेदन कर कर्मचारी बंधुओं से स्वेच्छा से हड़ताल में शामिल होने के लिए सर्मथन मांग रहे थे। इस दौरान इन्होंने किसी भी कर्मचारी के विरूद्ध दुर्व्यवहार और अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया गया। कलेक्टर, एम.सी.बी. ने उसके विरूद्ध एक पक्षीय कार्यवाही करते हुए निलंबित कर दिया गया है।