Mahasangh रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनी के मुख्यालय के सामने विद्युत कर्मचारी महासंघ का क्रमिक धरना आज (मंगलवार) को लगातार पांचवें दिन भी जारी है। इस बीच कंपनी प्रबंधन ने इस आंदोलन को कुचलने की कवायद शुरू कर दी है।
महासंघ के आंदोलन को लेकर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (एचआर) ने एक परिपत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि तीनों पॉवर कंपनीज के अंतर्गत कार्यरत सभी विभाग प्रमुखों को अवगत कराया जाता है कि कर्मचारी संघ-महासंघ की तरफ से अपनी मांगों के समर्थन में 10 अक्टूबर 2025 से प्रतिदिन सुबह 10 बजे से सायं 5: 30 तक अनिश्चितकालीन कमिक धरना प्रारंभ किया गया है।
परिपत्र में कहा गया है कि प्रदर्शन/धरना/हड़ताल और सामूहिक अवकाश आदि में भाग लेने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध की जाने वाली कार्यवाही के संबंध में पूर्ववर्ती मंडल द्वारा परिपत्र क्रमांक 01-05/1-98(5)/89 दिनांक 28-05-1984 व परिपत्र क्रमांक 01-09/3217 दिनांक 05-12-1986 जारी किया गय है। इसके अनुसार धरना/आंदोलन / भूख हड़ताल / प्रदर्शन और सामूहिक अवकाश इत्यादि के लिए आवेदन की अस्वीकृत कर अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मचारियों के वेतन से उसी माह कटौती किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
परिपत्र में राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र एफ-2/1/9/2006 दिनांक 10-04-2008 का भी हवाला दिया गया है। बताया गया है कि जीएडी का यह पत्र पूर्ववर्ती मंडल ने पत्र क्र. 476 दिनांक 22-05-2006 के द्वारा सभी विभाग प्रमुखों को भेजा गया है।
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 6 एवं नियम 7 के प्रावधानों के अंतर्ग प्रदर्शन तथा हडतालें और “स्वीकृत होने के पूर्व अवकाश पर प्रस्थान कर्मचारियों के लिए प्रतिबंधित है। ऐसे कृत्य छत्तीसगढ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के अनुसार कदाचरण की श्रेणी में आते हैं। अतः कर्मचारियों द्वारा ऐसे कृत्य किये जाने पर वे अनुशासनात्मक कार्यवाही के पात्र होंगे।
पत्र में छत्तीसगढ़ औद्योगिक नियोजन (स्थाई आदेश) नियम 1963 की धारा-12(1) के व एल के प्रावधानों अंतर्गत प्रचलित कानून के प्रावधानों के उल्लंघन में हड़ताल शुरू करना या उसमें शामिल होना, दूसरों को भाग लेने के लिए उकसाना या अन्यथा प्रबलित कानून के प्रावधानों के उल्लंघन में हड़ताल को आगे बढ़ाने का कार्य करने का मृत्य छत्तीसगढ़ औद्योगिक नियोजन (स्थाई आदेश) नियम 1963 के अनुसार दीर्घ दुराचरण की श्रेणी में आता है। अतः कर्मचारियों द्वारा ऐसा कृत्य किए जाने पर वे अनुशासनात्मक कार्यवाही के पात्र होंगे।
कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि ऐसे में बिना पूर्व स्वीकृति के कर्मचारियों की तरफ से कार्यालयीन अवधि में सामूहिक अवकाश पर जाने की परिस्थिति में अथवा धरना/हड़ताल में भाग लेने की परिस्थिति में ऐसी अनधिकृत अनुपस्थिति के दिवसों और धरना/हड़ताल/सामूहिक अवकाश का वेतन इत्यादि देय नहीं होगा, न ही इस प्रकार की अनुपस्थिति के दिवसों का अवकाश स्वीकृत किया जायेगा। ऐसे दिवसों की अवधि का कोई वेतन इत्यादि भविष्य में भी देय नहीं होगा और इस अवधि को “ब्रेक-इन-सर्विस माना जाएगा।
परिपत्र में निर्देश दिया गया है कि छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ द्वारा दिनांक 10.10.2025 से संचालित अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना में भाग लेने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध की जाने वाली कार्यवाही के संबंध में पूर्ववती मण्डल/विद्युत कंपनी द्वारा समय-समय पर जारी पत्रों में निहित कार्यवाही सुनिश्चित करें व ऐसे कर्मचारियों के नाम, पद एवं पदस्थ कार्यालय की सूची संबंधित पॉवर कंपनी के मुख्यालय स्थित मानय संसाधन विभाग का इस कार्यालय के सूचनाधीन प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करें।
साथ ही, अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहकर घरना/प्रदर्शत/हड़ताल/रेली एवं सामूहिक अवकाश में रहने वाले कर्मचारियों की वेतन कटौती नियमानुसार की जावे तथ्था की गई कार्यशही से संबंधित मात्तय संसाधन विभाग को इस कार्यालय के सूचनाधीत अवगत कराया जाए।