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नारी शक्ति का शंखनाद: CM विष्णुदेव साय ने सांसदों-विधायकों को लिखा पत्र, 16 अप्रैल को संसद में मचेगी हलचल

Vishnu Deo

रायपुर (Chaturpost): छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की महिलाओं को लोकतंत्र की मुख्यधारा में लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी लोकसभा, राज्यसभा सांसदों और विधायकों को Letter (पत्र) लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के प्रभावी क्रियान्वयन (Implementation) के लिए एकजुट होने की अपील की है।

16 अप्रैल का दिन होगा ऐतिहासिक

मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में होने वाली चर्चा भारत के लोकतांत्रिक इतिहास (Democratic History) का टर्निंग पॉइंट साबित होगी। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के चुनावों से पहले इस Act (अधिनियम) को पूरी तरह लागू करने में अपनी सक्रिय भूमिका (Active Role) निभाएं।

खबर के मुख्य बिंदु

महिला संगठनों से विशेष अपील

मुख्यमंत्री ने केवल जनप्रतिनिधियों को ही नहीं, बल्कि प्रदेश के Women Organizations (महिला संगठनों) को भी पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि महिला संगठन इस परिवर्तन (Change) के केवल साक्षी न बनें, बल्कि इसके निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।

साय ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों (Collective Efforts) से देश में महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में 33 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार जल्द प्राप्त होगा। यह कदम न केवल समावेशी विकास (Inclusive Development) को बढ़ावा देगा, बल्कि लोकतंत्र की नींव को और अधिक संवेदनशील बनाएगा।

चतुरपोस्ट विश्लेषण

छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकायों में महिलाओं को पहले से ही 50% आरक्षण प्राप्त है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह पत्र दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ सरकार Expertise और Authority के साथ महिला अधिकारों की वकालत कर रही है। Trust (भरोसा) इस बात से झलकता है कि ‘रानी दुर्गावती योजना’ और ‘महतारी वंदन’ जैसी योजनाओं के जमीनी नतीजे अब सामने आ रहे हैं।

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